पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ध्यान एकाग्रता बिना पूजा सार्थक नहीं

ध्यान एकाग्रता बिना पूजा सार्थक नहीं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नीमच | ध्यान एकाग्रता बिना पूजा प्रार्थना सार्थक नहीं होती। मंदिर में भीड़ हो जब मौन साधना के साथ प्रार्थना पूजा करना चाहिए । ईश्वर की पूजा मन वचन काया से करना चाहिए। यह बात आचार्य जीतर| सागर महाराज ने पुस्तक बाजार स्थित आराधना भवन में रविवार को सामूहिक वर्षी तप आराधकों के पारणा एवं पंचान्हिका महोत्सव के दौरान कही। उन्होंने कहा प्रभु जैसा बनना हो तो उनके दिखाएं सिद्धांतों के मार्ग पर चलना होगा। धर्म कार्य में स्वयं निर्णय लेना चाहिए। आचार्य श्री ने धर्मसभा में स्वधर्म इंद्र मानतुंग सुरी, भक्तामर स्त्रोत, प्रभु ऋषभदेव, आदिनाथ आदि धार्मिक प्रसंगों का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महत्व बताया। पूजा अर्चना की आहुतियां दी तथा 108 दीप प्रज्जवलित किए गए ।

खबरें और भी हैं...