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अक्षय तृतीया पर जिले में 650 से अधिक विवाह होंगे

3 वर्ष पहले
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अक्षय तृतीया पर 18 अप्रैल को जिले में 650 से अधिक विवाह समारोह होंगे। इसमें मुख्यमंत्री कन्यादान सहित विभिन्न समाजों के सामूहिक विवाह सम्मेलन होंगे। आखातीन व अबूझ मुहूर्त के कारण सराफा, ऑटो मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में ग्राहकी का बूम रहेगा।

अक्षय तृतीया पर सूर्योदय से मध्य रात तक अबूझ मुहूर्त रहेगा। इस दिन इस दिन वाहन, भूमि-भवन खरीदी के साथ ही विवाह, नए अनुबंध और नया व्यवसाय प्रारंभ करना भी विशेष फलदायी होता है। मान्यता है कि स्वर्ण धातु पर लक्ष्मी व विष्णु का आधिपत्य है और जीवन में सुख-समृद्धि के कारक देवी-देवता भी यही हैं। सांवलिया मंदिर पुजारी पं. राजेंद्र शर्मा का कहना अक्षय तृतीया का अर्थ है कि जिसका कभी क्षय न हो। इस दिन भूमि व वाहन और स्वर्ण आभूषण की सर्वाधिक खरीदी की जाती है। सोना खरीदने की दूसरी वजह विवाह मुहूर्त होना भी है। इस मुहूर्त में खासकर विभिन्न समाजों के विवाह सम्मेलन होते हैं। इस बार मुख्यमंत्री कन्यादान में 500 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिला सराफा संघ के जिलाध्यक्ष नवीन गोयल का कहना है जिले में 1 करोड़ से ज्यादा और शहरी क्षेत्र में करीब 50 लाख रुपए के आभूषण बिक्री होने का अनुमान है। जो पिछले वर्ष के अक्षय तृतीया से 10 फीसदी ज्यादा होगा।

इसी तरह हीरो बाइक शोरूम के प्रबंधक दीपेंद्रसिंह चौहान ने बताया अक्षय तृतीया पर जिले में करीब 350 बाइक की बिक्री होने की संभावना है। इसके लिए अब तक 150 से अधिक बाइक की बुकिंग हो चुकी है। जो गत साल के मुकाबले करीब 15 फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी अच्छी ग्राहकी का अनुमान है। शादी-ब्याह के लिए भी लोगों ने खरीदी शुरू कर दी है।

अबूझ मुहूर्त
खरीदी के लिए विशेष मुहूर्त के कारण सराफा, ऑटोमोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार भी चमकेगा
आखातीज पर अबूझ सावा
ग्रहों के राजा सूर्यदेव अपनी उच्च राशि मेष में 14 अप्रैल को सुबह 8.13 बजे प्रवेश करेंगे। इसी के साथ मीन मलमास समाप्त होगा और शुभ व मांगलिक कार्य शुरू होंगे। आखातीज पर अबूझ सावा भी है। इस दिन जिले में करीब 650 अधिक विवाह समारोह होंगे। अप्रैल से अगस्त तक के मध्य चार महीने में 23 विवाह मुहूर्त रहेंगे। इस बीच 16 मई से 13 जून तक अधिक मास रहेगा। अधिक मास में विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। 23 जुलाई से देवशयन हो जाएंगे। इसके बाद 19 नवंबर तक विवाह, जनेऊ धारण, गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। 14 नवंबर को गुरु अस्त होने और 7 दिसंबर को उदय होंगे। इन दिनों में भी मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। पंडित शर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीय पर अबूझ मुहूर्त में खरीदी के लिए सुबह 9.02 बजे से दोपहर 12.21 बजे तक अमृत व शुभ, दोपहर 3.18 से शाम 7.45 बजे तक चर, लाभ, तथा रात 8.05 बजे से 11.30 बजे शुभ, अमृत योग रहेगा। इस दौरान किसी भी तरह की वस्तु, आभूषण की खरीदी की जा सकती है।

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