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नपा के राजस्व निरीक्षक को 2.43 लाख रु. की हेराफेरी मामले में 5 साल की सजा

3 वर्ष पहले
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जनता से कर वसूल कर राशि समय पर शासकीय कोष में जमा नहीं करने और हेराफेरी करने के मामले में नपा के राजस्व निरीक्षक को कोर्ट ने पांच साल की सजा व 10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ को पक्ष द्रोही कर दिया।

राजस्व निरीक्षक योगेश पिता भगवती प्रसाद टांकवाल ने 1 अप्रैल 2015 से 6 जनवरी 2016 के दौरान वसूल की गई कर की राशि नपा कोष में जमा नहीं कराते हुए निजी उपयोग कर लिया।तत्कालीन सीएमओ सविता प्रधान ने शासकीय राशि का हिसाब मांगा तो हेराफेरी सामने आई। सीएमओ ने 6 जनवरी 2016 को कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसमें बताया कि राजस्व निरीक्षक टांकवाल ने ड्यूटी के दौरान पांच रसीद बुक से कुल 2 लाख 43 हजार 282 रुपए की कर वसूली जनता से की। लेकिन यह राशि नपा में जमा नहीं करवाई। कैंट थाने में अपराध क्रमांक 17 /16 पंजीबद्ध कर न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। आरोपी ने अपराध दर्ज होने के बाद राशि जमा करा दी लेकिन केस चलता रहा।

लोक अभियोजक प्रकाश सोनी ने बताया साक्षी एवं अनुसंधानकर्ता के कथन के बाद अपराध सिद्ध हुआ। सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार व्यास ने आरोपी राजस्व निरीक्षक योगेश टांकवाल को उक्त राशि का दुर्विनियोग कर आपराधिक न्यास भंग करने के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

विवरण नहीं देने पर सीएमओ पक्ष द्रोही
कोर्ट में अभियोजन साक्ष्य के दौरान प्रकरण की महत्वपूर्ण साक्षी तत्कालीन नपा सीएमओ सविता प्रधान ने संपूर्ण विवरण नहीं बताया। इस पर लोक अभियोजक स्नेह प्रकाश सोनी ने सीएमओ को पक्ष द्रोही कर संपूर्ण साक्ष्य कराए और आरोपी को न्यायालय ने दोषी माना।

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