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बेदम मकानों में चैन की नींद, नपा ने 30 मकानों पर 1 वर्ष बाद भी नहीं की कार्रवाई
पिछले दिनों इंदौर में चार मंजिला होटल ढहने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में नगर पालिका अपने स्तर पर शहर में जर्जर मकानों को सर्वे करवाकर चिह्नित कर उन्हें गिराने की कार्रवाई कर रही है। लेकिन नीमच में नगर पालिका अधिकारी इस घटना को नजर अंदाज कर रहे हैं। शहर में 30 से अधिक जर्जर मकान पिछले वर्ष चिह्नित किए थे। जिन्हें अब तक तोड़ने की कार्रवाई नहीं की। इन बेदम मकानों में लोग चैन की नींद सो रहे हैं। जो कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।
शहर के कुछ क्षेत्रों में बरसों पुराने मकान जो जर्जर हालत में पहुंच गए है। इनसे बारिश व आंधी, तूफान के दौरान हादसे का अंदेशा रहता है। पिछले वर्ष नगर पालिका टीम ने सर्वे में 30 मकानों को चिह्नित कर सूची बनाई थी। संबंधित मकान मालिकों को नोटिस दिए। इसके बाद अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई पर ध्यान नहीं दिया। यह मकान अब तक जर्जर हालत में है। इनमें निवास करने वाले लोगों को हरदम हादसे का अंदेशा रहता है। ढाई महीने बाद बारिश शुरू हो जाएगी। ऐसे में यह मकान फिर लोगों के लिए खतरा साबित होंगे। नपा द्वारा भी अभी सर्वे करवाया जाना बाकी है। इसमें भी इन्हीं मकानों को चिह्नित किया जाएगा। लेकिन इनको तोड़ने की कार्रवाई नपा कब करेगी अधिकारियों के पास इसका जवाब नहीं है।
बारिश के पहले फिर से सर्वे करवाने की बात कह रहे नपा अधिकारी
शहर में जर्जर मकानों की सर्वे का काम अब तक नहीं शुरु किया है।
पुरानी पुलिस काॅलोनी में जर्जर मकान, ध्यान नहीं
अंग्रेजों के जमाने की बनी पुलिस लाइन में अधिकतर मकान जर्जर हो गए हैं। अधिकारी इन मकानों को ठीक करवाने का आदेश देते हैं। लेकिन अधीनस्थ अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते हैं। इस कारण कई परिवार बारिश के समय में भी छत से टपकते पानी के बीच रहने को मजबूर रहते हैं।
केस 1 | अचानक ढहा था मकान का हिस्सा
25 जुलाई 2017 को स्कीम नं 9 के नजदीक एक मंजिला मकान का एक हिस्सा अचानक ढह गया था। हादसे के समय घर में परिवार का कोई सदस्य नहीं था। सूचना पर नपा अमला पहुंचा और अगले दिन मकान गिराने की कार्रवाई की।
केस 2 | दीवार ढहने से दो लोग घायल हुए थे
30 जुलाई 2014 में भी बारिश में पुराना तांगा अड्डा क्षेत्र का मकान की दीवार ढह गई थी। इसमें दो लोग गंभीर घायल हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद नपा ने इस क्षेत्र के मकानों को चिह्नित नहीं किया।
मकान मालिक ही दे रहे नगर पालिका में आवेदन
नगर पालिका में मकान मालिक ही आवेदन देकर मकान को जर्जर होना बता रहे हैं। इसमें मुख्य कारण किरायेदार से मकान खाली करवाना है। कई मकान मालिक लंबे समय से किराये से रहने वालों से मकान खाली करवाना चाहते हैं। लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं होते। कई बाद विवाद की स्थिति बन जाती है। फिर मालिक नपा में आवेदन देते हैं। किरायेदार भी अपना जवाब पेश कर कहते हैं कि मकान सही स्थिति में है। इसलिए खाली नहीं कर सकते। नपा भी ऐसे विवादित मामलों में लंबी जांच प्रक्रिया के बाद ही जर्जर मकान की सूची में इन्हें शामिल करती हैं।
कार्रवाई करेंगे
पिछले वर्ष मानसून से पूर्व सर्वे में 30 जर्जर मकान चिह्नित कर मालिक को नोटिस दिए थे। इस वर्ष सर्वे होना बाकी है। अधिक जर्जर मकानों को तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। केके टांक, कार्यपालन यंत्री, नगरपालिका, नीमच