वैश्य महासम्मेलन मध्यप्रदेश की जिला इकाई की कार्यकारिणी की बैठक सीएसवी अग्रोहा भवन में हुई। इसमें पदाधिकारियों ने विभिन्न समस्याओं पर सुझाव दिए। उन्होंने कहा महासम्मेलन की छवि को निखारने के लिए निरंतर कार्यक्रम करते रहना चाहिए। इसके लिए सदस्यों से वार्षिक शुल्क लिया जाना उचित होगा। कार्यकारिणी एक माह में एक बैठक करें ताकि कार्यक्रमों पर चर्चा की जा सके।
महामंत्री दिनेश मित्तल ने प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा जारी निर्देश का वाचन किया। इसमें बताया कि वैश्य बंधुओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर प्रयास करने होंगे। आरक्षण की समस्या के कारण वैश्य बंधुओं के युवाओं को अच्छे नंबरों के बाद भी नौकरी में सफलता नहीं मिलती है। पिछले वर्षों में नीमच जिले में नए सदस्यों में वृद्धि नहीं हो रही है। इसके लिए प्रत्येक वार्ड से 2 सदस्य प्रतिमाह बनाए जाएंगे। जिले से विभिन्न परीक्षा में मेरिट में आए विद्यार्थियों का सम्मान करने पर सुझाव दिए। जिला अध्यक्ष गोविंद पोरवाल ने बताया ग्राम संपर्क यात्रा का तहसीलों एवं गांवों में स्वागत-सत्कार हुआ लेकिन नए सदस्य बनाने की संख्या नगण्य रही। संभागीय अध्यक्ष संतोष चोपड़ा ने कहा हम सभी को संगठन से जुड़कर इसे मजबूत बनाना होगा। वैश्य बंधु की समस्या निराकरण के लिए एक सेल गठित करने का निर्णय लिया। तहसील अध्यक्ष सुनील सिंघल, राकेश मेहता सिंगोली, तरुण बाहेती जीरन, विनीता गट्टानी नीमच, ओमप्रकाश खंडेलवाल, सुनील जैन, मुकेश पोरवाल, मनोहर सिंह लोढ़ा प्रहलादराय गर्ग, डॉ. एचएन गुप्ता, हरिवल्लभ मुच्छाल, अशोक मंगल, सतीश गोयल, बीएल धनोतिया, संतोष खंडेलवाल, सुनील गर्ग, रवि गुप्ता, संदीप खाविया, सुनील चौरडिय़ा, संगीता जारोली उपस्थित थीं।