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ड्यूटी पर नहीं आ रहे डॉक्टर व कर्मचारी 10 किमी दूर इलाज कराने जा रहे मरीज

3 वर्ष पहले
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ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही है। कई जगह डॉक्टर सहित स्टाफ की पोस्टिंग तो है लेकिन ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। नेपानगर तहसील के तहत खकनार ब्लॉक में अामुल्लाखुर्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगा है। मरीजों को 10 किमी दूर परेठा जाना पड़ रहा है। सरपंच शिवराम धांडे ने कहा स्वास्थ्य विभाग अफसरों को शिकायत कर चुके हैं। ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्टाफ केंद्र पर नहीं आ रहा है।

9 माह से ज्यादा हो गए हैं। आमुल्लाखुर्द के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। लगभग 8 से ज्यादा गांव के लोग परेशान हो रहे हैं। मरीज के अस्पताल आने पर उन्हें यहां ताला लगा मिलता है। इस कारण बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। 10 किमी दूर जाकर परेठा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज करना पड़ रहा है। एक महिला कर्मचारी केंद्र खोलती है। मरीज फर्जी डॉक्टरों से इलाज करवाते हैं। उल्लेखनीय है कि खकनार ब्लॉक के अंतर्गत नेपानगर सारोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सीवल, हैदरपुर, आमुल्ला, परेठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आते हैं। आमुल्लाखुर्द में करीब 6 माह पहले डॉक्टर की नियुक्ति की गई थी लेकिन एक माह पहले बीएमओ राजेंद्र वर्मा को डीएचओ का पदभार दिया गया। उनकी जगह पर आमुल्ला के डॉ. गौरव वर्मा को बीएमओ बना दिया गया है। ऐसे हालातों में अधिकांशत: फील्ड पर होने से ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

आमुल्लाखुर्द पीएससी में सुबह 10 बजे तक लगा रहा ताला।

नेपानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

नेपानगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। आबादी करीब 29 हजार है। नेपा लिमिटेड का अस्पताल भी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चार माह में 198 प्रसुति हुई। इसमें 5 केस रेफर किए गए। केंद्र में डॉ. अंबर जोशी के अलावा एक महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. माधुरी खरे हैं जो प्रसुति केस देखती हैं। जनवरी में 28, फरवरी में 38, मार्च में 80, अप्रैल में 37 और 14 मई तक 17 प्रसुति हुई है। केंद्र पर सीजर, एक्स-रे नहीं हो रहा है। नेपा अस्पताल जाना पड़ता है।

हैदरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

हैदरपुर केंद्र सालों से जर्जर स्थिति में है। अफसरों से शिकायत कर चुके हैं। जर्जर भवन के कारण कोई इलाज के लिए नहीं आता। 6 माह पूर्व नए भवन का प्रस्ताव भेजा गया। विभाग ने भवन की मरम्मत करा दी। इसके बाद प्रसूति शुरु हुई है। स्टाफ के नाम पर एक ड्रेसर और एएनएम है।

अफसर मौके पर नहीं कर रहे निरीक्षण, रिपोर्ट देखकर होते हैं संतुष्ट

क्षेत्रवासी धमेंद्र यादव, नंदराम कास्डे, कैलाश यादव, रामनारायण यादव सहित अन्य ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर आक्रोश जताया। लोगों ने कहा गांव में उल्टी, दस्त और सामान्य बुखार तक के लिए दवा नहीं मिल रही है। नारायण यादव ने कहा कुछ दिन पहले मेरी तबीयत खराब हुई थी। केंद्र का सुबह 10 बजे तक ताला ही नहीं खुला। दूसरे गांव जाकर इलाज कराना पड़ा। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की है लेकिन कोई हल नहीं हुअा। अफसरों को जिम्मेदारियां ताे दे दी है लेकिन मौके पर आकर स्थिति नहीं देख रहे हैं। जिम्मेदार अफसर या डॉक्टर केबिन में बैठकर कागजों की जांच कर लेते हैं।

मामले की जांच कर होगी उचित कार्रवाई

मैं अभी भोपाल में हूं। गुरुवार को बुरहानपुर लौटुंगा। अामुल्ला पीएससी में स्टाफ की कमी है। किसी तरह काम चलाया जा रहा है। लापरवाही हो रही है तो शुक्रवार को मामले की जांच करवाएंगे। कार्रवाई करेंगे। - डॉ. गौरव वर्मा, बीएमओ, खकनार ब्लॉक

सीवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

सीवल केंद्र में डॉ. फईम अंसारी जनवरी से अप्रैल तक ट्रेनिंग पर थे। इनके कार्यकाल के दौरान करीब 80 से 90 प्रसूती एक माह में हाे रही थी। वर्तमान में यहां का प्रभार डॉ. केसी खरे के पास है। जनवरी में यहां 55, फरवरी में 27, मार्च में 6, अप्रैल में 24 प्रसूती हुई है। बीते चार माह में प्रसूती की संख्या कम हो गई है। जबकि यहां पर एक स्टाफ नर्स, 3 एएनएम, 1 वार्ड बॉय, 1 ड्रेसर, 1 डाटा इंट्री ऑपरेटर सहित सहायक स्टाफ है। 24 घंटे जननी एक्सप्रेस की सुविधा दी गई है। बावजूद इसके प्रसूती में कमी आई है।

सारोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

सारोला केंद्र में डॉ. जीवन कोलकर आयुष चिकित्सा अधिकारी हैं। इनके अतिरिक्त डॉ. सैयद मीर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी हैं। 1 एएनएम, 1 स्टाफ नर्स, 1 वार्डबॉय, 2 फार्मासिस्ट हैं। इस साल कुल 192 प्रसुति हुई। जनवरी में 25 व 8 रैफर, फरवरी में 27 व 5 रैफर, मार्च में हड़ताल के कारण निरंक रहा। अप्रैल में 26 व 8 केस रैफर हुए। मई में अब तक 14 डिलेवरी हो गई है। यहां पर सुविधाएं ठीक है। सीजर और एक्स-रे नहीं होने से जिला अस्पताल भेज दिया जाता है।

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