शास्त्री पार्क चौराहे का जाम दूर करेंगे 2 फ्लाईओवर व 2 अंडरपास
शास्त्री पार्क चौराहे और सीलमपुर चौक पर जाम से निजात के लिए दो फ्लाईओवर और बाहरी रिंग रोड स्थित गोपालपुर-जगतपुर के पास लंबे यू-टर्न की परेशानी दूर करने दो अंडरपास की सुविधा जनता को जल्द मिलेगी। दिल्ली सरकार की व्यय एवं वित्त समिति ने दोनों प्रोजेक्ट के लिए 341.48 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इसकी जानकारी लोक निर्माण विभाग के मंत्री सत्येन्द्र जैन ने दी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के बाद 6 महीने की प्लानिंग और 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इसके निर्माण से न सिर्फ जनता को जाम से निजात मिलेगी बल्कि समय की भी बचत होगी।
वाहन चालकों को अप्सरा बाॅर्डर से आईएसबीटी कश्मीरी गेट की तरफ आने के लिए अभी धर्मपुरा और शास्त्री पार्क की रेड लाइट पर लंबे जाम से जूझना पड़ता है। शास्त्री पार्क में सुबह-शाम 10 से 15 मिनट जाम के कारण बर्बाद होते हैं। यही हाल शास्त्री पार्क चौक से करीब एक किमी दूर स्थित सीलमपुर चौक के पास के हैं। इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए शास्त्री पार्क पर 6 लेन फ्लाईओवर निर्माण को स्वीकृति मिली है।
शास्त्री पार्क और सीलमपुर में फ्लाईओवर और गोपालपुर व जगतपुर पर बनेंगे दो अंडरपास, 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा
अंडरपास बनने के बाद 5 किलोमीटर का चक्कर कम हो जाएगा
बाहरी रिंग रोड पर सिग्नल फ्री कॉरीडोर मुकरबा चौक से वजीराबाद के बीच निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते गोपालपुर रेड लाइट पर यू-टर्न को बंद कर दिया है। इसके चलते हल्के वाहनों को वजीराबाद गांव, संगम विहार और झंड़ोदा जाने के लिए बुराड़ी फ्लाइओवर के नीचे से यू-टर्न लेना पड़ता है। वहीं गांधी विहार, गोपालपुर गांव और मुखर्जी नगर की तरफ जाने वालों को वजीराबाद फ्लाईओवर के नीचे से यू-टर्न लेना पड़ता है। यहां दो अंडरपास के निर्माण से हल्के वाहनों को पांच किमी की अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इसके अलावा पैदल और साइकिल चालकों के लिए सब-वे का निर्माण भी किया जाएगा। इस पर करीब 38 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
14 लाख रुपए के बराबर समय की बचत होगी
पीडब्ल्यूडी विभाग की स्टडी के मुताबिक फ्लाईओवर से करीब 5 मिनट बचेंगे। करीब 14 लाख रुपए के बराबर के 3802 घंटे की प्रतिदिन बचत होगी। यही नहीं रोजाना करीब 4 लाख 97 हजार रुपए कीमत का 2625 लीटर ईंधन भी बचेगा। इससे 4 साल में ही प्रोजेक्ट की लागत वसूल हो जाएगी। दोनों फ्लाईओवर और अंडरपास पर 341.48 करोड़ खर्च होंगे।
44 करोड़ रु. में क्लस्टर बसों के दो डिपो बनेंगे
रोहिणी सेक्टर-37 में क्लस्टर के दो बस डिपो का निर्माण किया जाएगा। इस पर करीब 44 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। 12 एकड़ में एक बस डिपो में 150 और दूसरे में 300 बसों को खड़े करने की क्षमता होगी। यहां 1 लाख लीटर पानी की क्षमता का अंडरग्राउंड वॉटर टैंक भी बनेगा। इसके पानी का उपयोग बसों को धोने में किया जाएगा। यहां रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। इसका निर्माण 9 महीने में पूरा किया जाएगा।