पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • जेएनयू में नए कोर्स नेशनल सिक्योरिटी पर रिसर्च करेंगे छात्र, बॉर्डर पर बिताएंगे समय...आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के अफसरों संग करेंगे काम

जेएनयू में नए कोर्स नेशनल सिक्योरिटी पर रिसर्च करेंगे छात्र, बॉर्डर पर बिताएंगे समय...आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के अफसरों संग करेंगे काम

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राहुल मानव|नई दिल्ली rahul.manav@dbcorp.in

रिसर्च कर रहे छात्रों को अब जल्द ही इंडियन आर्मी, इंडियन एयरफोर्स और इंडियन नेवी के वरिष्ठ ऑफिसर व एक्सपर्ट्स के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। पीएचडी और एमफिल के छात्रों के लिए जेएनयू की तरफ से अगले साल नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज स्पेशल सेंटर शुरू होने जा रहा है। इसमें समुद्री सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, भारत की शांति के लिए चलाए जाने वाले ऑपरेशनों पर, इंडियन डिफेंस इंडस्ट्रीज, बॉर्डर सिक्योरिटी-मैनेजमेंट, घुसपैठ और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर कोर्स शुरू किया जाएगा। इनमें पीएचडी और एमफिल के छात्र रिसर्च करेंगे। रिसर्च के दौरान छात्र कुछ समय बॉर्डर पर भी बिताएंगे। जेएनयू प्रोफेसरों ने बताया कि इस सेंटर के शुरू होने में 10 करोड़ से ज्यादा की लागत आएगी। अगले साल से शुरू हो रहे कोर्स में 60 सीटें फाइनल की जा सकती हैं।

अगले साल से शुरू होगा नेशनल सिक्योरिटी सेंटर

कोर्स को शुरू करने का यह है मकसद

जेएनयू के प्रोफेसरों ने बताया कि नेशनल सिक्योरिटी एक एेसा मुद्दा है जिसमें डिटेल में रिसर्च वर्क होना जरूरी है। दूसरे देशों में डिफेंस पर हो रहे खर्च के साथ वहां पर राष्ट्रीय सुरक्षा पर किन-किन पहलुओं पर और नए तकनीक की मदद से काम किया जा रहा है। वहीं भारत में इस क्षेत्र में किन-किन चीजों को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में और भी ज्यादा शामिल करने की जरूरत है इस पर छात्र काम करेंगे।

ऐसे काम करेगा सेंटर

प्रोफेसरों ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से जेएनयू को ऑटोनॉमी दी गई है। एेसे में जेएनयू के पास यह विकल्प है कि वह अपनी तरफ से छात्रों के हितों के लिए और देश को बेहतर रिसर्च नेटवर्क मिल सके, इस दिशा में नए कोर्सेज को शुरू कर सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा पर शुरू रहा सेंटर एक तरह से रिसर्च और एकेडमिक संस्थान की तरह काम करेगा। पहले पांच साल में इस सेंटर की तरफ से रिसर्च की गतिविधियों पर काम किया जाएगा।

डीयू में कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए प्री-एंट्रेंस समर स्कूल के आवेदन 21 से 28 मई तक होंगे

नई दिल्ली| डीयू की तरफ से पीजी कोर्सेज के एंट्रेंस टेस्ट में दाखिले के लिए सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के प्री-एंट्रेंस समर स्कूल 2018 का आयोजन किया जा रहा है। डीयू की तरफ से पिछले दो सालों से ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी, फिजिकली हैंडिकैप, कश्मीरी माइग्रेंट्स, युद्ध में मारे गए पूर्व सैनिकों की विधवाओं के बच्चों के लिए यह समर स्कूल का आयोजन किया जा रहा है। इन वर्गों के छात्रों को डीयू की तरफ से फ्री क्लासेज का आयोजन किया जाता है। पीजी एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी के लिए 8 विषयों पर छात्रों को क्लासेज दी जाती हैं। सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को डीयू की वेबसाइट में जाकर आवेदन देने होंगे। 21 से 28 मई के दौरान सुबह 10 से शाम 4 बजे तक फॉर्म जमा करा सकते हैं। सिलेक्ट छात्रों की लिस्ट 30 मई को शाम 5 बजे विश्वविद्यालय की वेबसाइट में अपलोड कर दी जाएगी।

खबरें और भी हैं...