भोपाल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (एनआईएमएचआर) खुलने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है। देश में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में यह इस तरह का पहला संस्थान होगा। इसे बनाने में करीब 180 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा।
इस संस्थान की स्थापना निशक्तजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत एक सोसायटी के रूप में सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत की जाएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस संस्थान में जॉइंट सेक्रेटरी लेवल की तीन नियुक्ति के लिए एक प्रपोजल को अप्रूव भी कर दिया है। इसमें एक पोस्ट संस्थान के डायरेक्टर और शेष दो पोस्ट प्रोफेसर के लिए होंगी। एनआईएमएचआर खोलने का मुख्य उद्देश्य मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को पुनर्वास सुविधाएं देना, उनकी क्षमताओं का विकास करना, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में शोध का बढ़ावा देना और मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के लिए नीति बनाना है।
संस्थान में होंगे 12 कोर्स
एनआईएमएचआर में नौ डिपार्टमेंट/सेंटर होंगे। इन विभागों के 12 कोर्स होंगे, जिनके अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एमफिल की डिग्री दी जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने इसके लिए 5 एकड़ जमीन आवंटित की है।