पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • लुटियंस जोन में लगेंगे 81 मोबाइल टावर, हैलो हैलो...करते रहने से मिलेगी निजात

लुटियंस जोन में लगेंगे 81 मोबाइल टावर, हैलो-हैलो...करते रहने से मिलेगी निजात

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
तरुण सिसोदिया | नई दिल्ली tarun.kumar6@dbcorp.in

राजधानी के वीवीआईपी इलाके लुटियंस जोन में रहने वाले लोगों को जल्द ही कॉल ड्रॉप की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। अभी आधिकारिक तौर पर यहां एक भी मोबाइल टावर नहीं है। इसके लिए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने पूरी तैयारी कर ली है। एनडीएमसी ने अपने इलाकों में मोबाइल कंपनियों को टावर लगाने की परमिशन देने का फैसला किया है ताकि कॉल ड्रॉप की समस्या खत्म की जा सके। इससे एनडीएमसी को सालाना 17 करोड़ रुपए आय होने की संभावना भी है।

कॉल ड्रॉप की लगातार मिल रही शिकायतों और मोबाइल कंपनियों के बार-बार टावर लगाने देने की परमिशन मांगने के मद्देनजर एनडीएमसी ने अपने इलाकों में 81 जगहों को मोबाइल टावर के इस्तेमाल के लिए चुना है। इन स्थानों को तीन ग्रुप में बांटा गया है। सभी ग्रुप में 27-27 साइट रखी गई हैं। ये सभी स्थान लुटियंस जोन के अंतर्गत ही हैं। हालांकि, मोबाइल टावर मूवेबल होंगे, इन्हें फिक्स नहीं किया जा सकेगा। अब इन जगहों पर मोबाइल टावर लगाने के लिए एनडीएमसी ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। 81 जगहों को एनडीएमसी 2 साल के लिए किराए पर देगी। जगह लेने वालों को 6 जून तक एनडीएमसी के पास आवेदन करना होगा। जुलाई तक टावर लगने की उम्मीद है। इसके बाद ऑनलाइन बोली के माध्यम से टावर की जगह संबंधित कंपनी को दे दी जाएगी। टावर के लिए जगह देने से एनडीएमसी को दो साल में करीब 34 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है।

शर्त ये है कि... टावर से किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं होना चाहिए

मोबाइल टावर का यूज विज्ञापन के लिए भी नहीं किया जा सकेगा...

एनडीएमसी की जगह का इस्तेमाल कंपनियां टावर लगाने के लिए इस्तेमाल तो कर सकेंगी लेकिन उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे मानव शरीर को किसी तरह की हानि न हो। टेंडर डॉक्युमेंट में एनडीएमसी ने यह शर्त लगाई है। इसके अलावा और भी कई शर्तें लगाई गई हैं। टावर का इस्तेमाल किसी भी तरह के विज्ञापन के लिए नहीं किया जा सकेगा, यदि ऐसा होगा तो कॉन्ट्रेक्ट रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही टावर की जगह को किसी और को भी नहीं दिया जा सकेगा।

एनडीएमसी ने कहा- टावर लगने के बाद दूर हो जाएगी कॉल ड्रॉप की समस्या

तरुण सिसोदिया | नई दिल्ली tarun.kumar6@dbcorp.in

राजधानी के वीवीआईपी इलाके लुटियंस जोन में रहने वाले लोगों को जल्द ही कॉल ड्रॉप की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। अभी आधिकारिक तौर पर यहां एक भी मोबाइल टावर नहीं है। इसके लिए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने पूरी तैयारी कर ली है। एनडीएमसी ने अपने इलाकों में मोबाइल कंपनियों को टावर लगाने की परमिशन देने का फैसला किया है ताकि कॉल ड्रॉप की समस्या खत्म की जा सके। इससे एनडीएमसी को सालाना 17 करोड़ रुपए आय होने की संभावना भी है।

कॉल ड्रॉप की लगातार मिल रही शिकायतों और मोबाइल कंपनियों के बार-बार टावर लगाने देने की परमिशन मांगने के मद्देनजर एनडीएमसी ने अपने इलाकों में 81 जगहों को मोबाइल टावर के इस्तेमाल के लिए चुना है। इन स्थानों को तीन ग्रुप में बांटा गया है। सभी ग्रुप में 27-27 साइट रखी गई हैं। ये सभी स्थान लुटियंस जोन के अंतर्गत ही हैं। हालांकि, मोबाइल टावर मूवेबल होंगे, इन्हें फिक्स नहीं किया जा सकेगा। अब इन जगहों पर मोबाइल टावर लगाने के लिए एनडीएमसी ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। 81 जगहों को एनडीएमसी 2 साल के लिए किराए पर देगी। जगह लेने वालों को 6 जून तक एनडीएमसी के पास आवेदन करना होगा। जुलाई तक टावर लगने की उम्मीद है। इसके बाद ऑनलाइन बोली के माध्यम से टावर की जगह संबंधित कंपनी को दे दी जाएगी। टावर के लिए जगह देने से एनडीएमसी को दो साल में करीब 34 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है।

इन जगहों पर लगेंगे टावर

42 वर्ग किलोमीटर एरिया यानी 10378.4 एकड़ वाले एनडीएमसी के इलाके में तमिलनाडु भवन के पीछे, सुनहरी बाग रोड, उद्यान मार्ग, नेहरू पार्क, काली बाड़ी मार्ग, अरुणाचल भवन, यूएनआई बिल्डिंग, नीति मार्ग, खान मार्केट पार्किंग आदि जगहों को टावर लगाने के लिए चुना गया है।

मोबाइल टावर के लिए जगह देने से काफी हद कॉल ड्रॉप की समस्या दूर हो जाएगी। मोबाइल पर बात करते-करते लोग हैलो-हैलो करते रहते हैं लेकिन बात नहीं हो पाती। कई बार फोन बीच में भी कट जाता है। अभी तक लुटियंस दिल्ली के इलाके में एक भी अधिकारिक मोबाइल टावर नहीं है। इससे एनडीएमसी को आय भी होगी। अधिकारी, एनडीएमसी

अभी करीब 50 टावर लगे हैं लेकिन सभी अवैध...

एनडीएमसी एरिया में 3 लाख लोग रहते हैं। यहां करीब 50 टावर लगे हैं लेकिन एनडीएमसी उन्हें अवैध मानता है।

15-20 लाख लोग वीकेंड पर एनडीएमसी एरिया में आते हैं। इसलिए कॉल ड्रॉप की संख्या बढ़ जाती है।

ट्राई कॉल ड्रॉप पर इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट (आईडीटी) कर रही है। यह टेस्ट जुलाई, 2017 से दिल्ली-एनसीआर समेत 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में किया जा रहा है। जून, 2018 में यह पूरा हो जाएगा।

टावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन का कहना है कि दिल्ली के 11500 मोबाइल टावर में से 566 मोबाइल टावर सिविक एजेंसियों ने सील कर दिए हैं।

समस्या की वजह यह...

लुटियंस जोन खास क्योंकि... लुटियंस जोन में देश की सुरक्षा से जुड़े कई अहम कार्यालयों सेना भवन, डीआरडीओ से लेकर देश के प्रधानमंत्री का घर होने के साथ ही उनका कार्यालय भी है। यहां राष्ट्रपति भवन और उपराष्ट्रपति आवास भी आते हैं। देश की संसद भी इसी इलाके में है। इसके अलावा चाणक्यपुरी में विभिन्न देशों के दूतावास होने के साथ ही राज्यों के राजभवन भी हैं।

करोड़ के करीब मोबाइल कनेक्शन हैं दिल्ली में, जिनके लिए सिर्फ 11500 मोबाइल टावर

06

(टावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के मुताबिक)

खबरें और भी हैं...