नीरज आर्या | नई दिल्ली neeraj.arya@dbcorp.in
यूके में घर बसाने की चाहत में सुप्रीम कोर्ट की वकील ठगी का शिकार हो गई। उन्हें खुद को इंजीनियर होने का दावा करने वाले एक जालसाज ने विदेश से बर्थ-डे गिफ्ट भेजने के नाम पर 1.33 लाख रुपये की चपत लगा दी। इन दोनों की जान पहचान भारत मेट्रिमोनियल साइट के जरिये हुई थी। पीड़ित महिला ने तिलक मार्ग थाने में 17 मई को केस दर्ज कराया। इस केस में आरोपी सिर्फ जीवनसाथी बनने वाले युवक को ही नहीं बल्कि शादी कराने वाली इस साइट के प्रतिनिधि को भी बनाया गया है। पीड़िता ने पुलिस को जानकारी दी है कि मेट्रिमोनियल साइट की तरफ से इस आदमी के सही होने का दावा करने के बाद ही उन्होंने शादी के प्रस्ताव को स्वीकार किया था।
ऐसे झांसे में आई... आरोपी ने खुद को यूके का नागरिक बताया, साइट ने भी युवक के सही होने का दावा किया
पीड़ित महिला सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के पैनल में अधिवक्ता हैं। पिछले साल उन्होंने जीवन साथी ढूंढने के लिए भारत मेट्रिमोनियल साइट पर अपना प्रोफाइल बनाया। जिसे देख कृष्णा नाम के एक युवक ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को यूके का नागरिक और प्रोफेशन से इंजीनियर बताया। साथ ही उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। पीड़िता ने बताया कि मेट्रिमोनियल साइट ने इस युवक के सही होने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने ऑफर स्वीकार कर लिया। इसके बाद उनके बीच वॉट्सएप पर बातचीत होने लगी। दोनों अगस्त के तीसरे सप्ताह में शादी करने के लिए राजी हो गए। कृष्णा ने कहा कि वह 25 अगस्त को भारत आ रहा है। यहां कोर्ट में शादी करने के बाद दोनों यूके में सेटल हो जाएंगे। इससे पहले अधिवक्ता का बर्थडे आ गया। आरोपी ने उनके लिए विदेश से गिफ्ट भेजने के बारे में जानकारी दी। बाकायदा, वॉट्सएप पर गिफ्ट पैकेट की तस्वीर भी भेज दी।
ऐसे पैसे ऐंठे... गिफ्ट की कस्टम ड्यूटी के नाम पर दो बार ट्रांसफर किए पैसे
अधिवक्ता के पास कॉल आया। कॉलर ने कहा वह मुंबई की कोरियर कंपनी से बोल रहा है। एक गिफ्ट को रिलीज करने के एवज में बतौर कस्टम ड्यूटी 45,500 जमा कराने होंगे। महिला ने रकम ट्रांसफर कर दी। अगले दिन फिर 87,500 रुपये मांगे। पीड़िता ने यह रकम अकाउंट में डाल दी। तीसरी, बार डिमांड हुई तो उन्हें शक हो गया।
पीड़ित ने कहा- मेट्रिमोनियल साइट के प्रतिनिधि को भी मामले में आरोपी बनाया जाए
अधिवक्ता ने बताया साइट का सदस्य बनने के लिए उन्होंने छह हजार रु. खर्च किए थे। कहा गया था कि वे साइट पर मेंबर बनाने से पहले हर किसी को प्रॉपर तरीके से वेरिफाई करते हैं। यह एक किस्म का संगठित अपराध है, जहां शादी के नाम पर धोखा हो रहा है। इस कारण उन्होंने मेट्रिमोनियल साइट के प्रतिनिधियों को भी आरोपी बनाया है।