नई दिल्ली| पीएनबी ने एक आरटीआई के जवाब में उस ऑडिट या जांच का ब्योरा देने से मना कर दिया है जिससे बैंक में 13,579 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का पता चला था। बैंक ने उन प्रावधानों का हवाला दिया जो ऐसी सूचना देने पर रोक लगाते हैं जिससे मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। इससे पहले रिजर्व बैंक भी इस घोटाले की जांच से जुड़ी जानकारी देने से इनकार कर चुका है। भारतीय बैंकिंग इतिहास का अब तक का यह सबसे बड़ा घोटाला इस साल फरवरी में सामने आया था। हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा और गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चोकसी ने पीएनबी के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।