नई दिल्ली| दिवालिया कानून के तहत भूषण स्टील का केस निपटने के बाद वित्त मंत्रालय को उम्मीद है कि एनपीए के 12 बड़े मामलों में बैंकों को एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकवरी हो जाएगी। रिजर्व बैंक की सलाहकार समिति ने पिछले साल जून में इन 12 कंपनियों की पहचान की थी। इनमें प्रत्येक पर 5,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। इनका कुल कर्ज 1.75 लाख करोड़ रुपए के आसपास है। यह बैंकों के कुल एनपीए का करीब एक चौथाई है। रिजर्व बैंक के निर्देश के बाद बैंक ये मामले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में लेकर गए थे। टाटा स्टील ने पिछले हफ्ते कर्ज के बोझ से दबी भूषण स्टील का 72.65% हिस्सा खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। भूषण स्टील पर करीब 56,000 करोड़ रुपए का कर्ज था। इस अधिग्रहण से बैंकों को 35,200 करोड़ रुपए मिले जबकि 37% राशि छोड़नी पड़ी है। बैंकों को कंपनी में 12.27% हिस्सेदारी भी मिली है। अधिकारी ने बताया कि बड़े एनपीए के बाकी 11 मामले निपटाने से सरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ेगा।