पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों के 12 जनवरी को किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस को गलत बताया है। उन्होंने कहा, ‘संस्थागत समस्याओं को सुलझाने के लिए बाहरी मदद की तलाश नहीं करनी चाहिए।’ जस्टिस ठाकुर ने जजों के प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘परेशान करने वाला’ कार्यक्रम बताया और कहा कि इसमें जिन मुद्दों को सार्वजनिक किया गया, उससे मीडिया और राजनीतिज्ञों को उन मामलों पर चर्चा करने का एक मौका मिला, जिन्हें ‘सुप्रीम कोर्ट के भीतर सुलझाया जाना चाहिए था।’ उन्होंने कहा कि जब जज देश से चाह रहे थे कि वह उन मुद्दों का निर्णय करें, जिस पर निर्णय उन्हें करना चाहिए था, कोई भी यह देखकर परेशान होता कि सुप्रीम कोर्ट अपने कामकाज से संबंधित मुद्दों पर निर्णय नहीं कर पा रही है और उसे जनता के समक्ष लेकर जा रही है। जस्टिस ठाकुर एनजीओ ‘ग्लोबल ज्यूरिस्ट’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ‘इंडीपेंडेंस आॅफ ज्यूडिशियरी’ विषय पर बोल रहे थे।