मनीष मल्होत्रा का आयोजन हमेशा सितारों की महफिल से सजा हुआ होता है। इतनी प्रसिद्धि के बावजूद उनकी विनम्रता और लगातार सीखने की आदत उन्हें खास बनाती है। मनीष हर साल अभिनेत्री शबाना आज़मी के फाउंडेशन मिज़वान से जुड़े चिकनकारी के कारीगरों की मदद के लिए एक शो करते हैं। उनके पिता मशहूर शायर स्वर्गीय कैफी आज़मी ऐसे कार्य करने में यकीन रखते थे।
à सात साल हो गए इस साथ को : मिज़वान वेलफेयर सोसायटी से दोस्ती और एसोसिएशन से जुड़े हुए मनीष को लगभग सात साल हो चुके हैं। वह हाथ से की जाने वाली इस कारीगरी को मॉडर्न टच देने में जुटे हुए हैं।
à दीपिका और रनबीर आए साथ : इस साल उनकी लाइन को द वॉक ऑफ मिज़वान कहा गया और यह सिर्फ थ्रेडवर्क नहीं था। बल्कि ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन लवर रह चुके दीपिका पादुकोण और रनबीर कपूर ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के बीच की कड़वाहट को स्टेज पर जिस ढंग से मैनेज किया, उसकी भी चर्चा हुई। मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में आयोजित हुआ
उत्तर प्रदेश के मिज़वान गांव के नाम पर ही मिजवान फाउंडेशन के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य 40 महिलाओं के साथ शुरू किया गया और आज इस छत के नीचे 400 महिलाएं हैं। मनीष कहते हैं कि मैं जानता हूं कि चिकनकारी की खूबसूरती कुशल कारीगरी है और यह काफी प्रभावशाली भी है। मैंने आज के बदलते दौर को देखते हुए इसमें कंटेम्पररी धागे के साथ इसे तेजी से बदलते महिलाओं और पुरुषों के वार्डरोब का हिस्सा बनाने का प्रयास किया है। वह कहते हैं कि यह सभी वजन में हल्के होने के कारण अधिक वजन महसूस नहीं होता है। इसमें अलग-अलग टोन की रेंज जैसे सफेद, बेज, लिलाक, एक्वा और बेबी पिंक के साथ-साथ गहरे शेड लिए लाल और ब्लू रंगों का भी प्रयोग किया है।
फैशन & स्टाइल
अस्मिता अग्रवाल
फैशन राइटर, नई दिल्ली
मनीष मल्होत्रा का आयोजन हमेशा सितारों की महफिल से सजा हुआ होता है। इतनी प्रसिद्धि के बावजूद उनकी विनम्रता और लगातार सीखने की आदत उन्हें खास बनाती है। मनीष हर साल अभिनेत्री शबाना आज़मी के फाउंडेशन मिज़वान से जुड़े चिकनकारी के कारीगरों की मदद के लिए एक शो करते हैं। उनके पिता मशहूर शायर स्वर्गीय कैफी आज़मी ऐसे कार्य करने में यकीन रखते थे।
à सात साल हो गए इस साथ को : मिज़वान वेलफेयर सोसायटी से दोस्ती और एसोसिएशन से जुड़े हुए मनीष को लगभग सात साल हो चुके हैं। वह हाथ से की जाने वाली इस कारीगरी को मॉडर्न टच देने में जुटे हुए हैं।
à दीपिका और रनबीर आए साथ : इस साल उनकी लाइन को द वॉक ऑफ मिज़वान कहा गया और यह सिर्फ थ्रेडवर्क नहीं था। बल्कि ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन लवर रह चुके दीपिका पादुकोण और रनबीर कपूर ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के बीच की कड़वाहट को स्टेज पर जिस ढंग से मैनेज किया, उसकी भी चर्चा हुई। मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में आयोजित हुआ
उत्तर प्रदेश के मिज़वान गांव के नाम पर ही मिजवान फाउंडेशन के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य 40 महिलाओं के साथ शुरू किया गया और आज इस छत के नीचे 400 महिलाएं हैं। मनीष कहते हैं कि मैं जानता हूं कि चिकनकारी की खूबसूरती कुशल कारीगरी है और यह काफी प्रभावशाली भी है। मैंने आज के बदलते दौर को देखते हुए इसमें कंटेम्पररी धागे के साथ इसे तेजी से बदलते महिलाओं और पुरुषों के वार्डरोब का हिस्सा बनाने का प्रयास किया है। वह कहते हैं कि यह सभी वजन में हल्के होने के कारण अधिक वजन महसूस नहीं होता है। इसमें अलग-अलग टोन की रेंज जैसे सफेद, बेज, लिलाक, एक्वा और बेबी पिंक के साथ-साथ गहरे शेड लिए लाल और ब्लू रंगों का भी प्रयोग किया है।
मनीष के इस कलेक्शन में लहंगा, टी-लेंथ स्कर्ट, लॉन्ग शीर और शॉर्ट केप्स ड्रेस भी शामिल हैं। एम्ब्रॉयडरी शूज, फ्रिंज क्लच भी आकर्षक थे। इस साल का बड़ा ट्रेंड यह देखने को मिलाकि जरदोजी, डबका के साथ-साथ गोटा पत्ती को मोती ने रिप्लेस कर दिया है। एम्ब्रॉयडरी के साथ ही कई डिजाइनर भी इन छोटे सफेद र|ों के साथ काम करने में जुटे हुए है। मनीष ने 20 फ्लेवर के लिए सीक्वेंस और फ्रिंज भी जोड़े हैं। इसमें बंद गला, जैकेट्स, शेरवानी, कुर्ते के साथ स्लिम पेंट के साथ अधिक प्रभावी बनाने के लिए सिल्क ऑरगेंजा को लेयरिंग के लिए तोड़ा गया। वह कहते हैं कि ऑरगेंजा का प्रयोग अपने किसी भी आउटफिट्स के ग्लो को बढ़ाने के लिए करता हूं।
लहंगे के साथ टी-लेंथ स्कर्ट और लॉन्ग शीर भी