रक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई
मोदी और पुतिन के बीच अनौपचारिक वार्ता में रक्षा क्षेत्र और वर्तमान हालात को लेकर भी वार्ता हुई। इसके अलावा, ऊर्जा, एशिया में सुरक्षा, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन में भागीदारी बढ़ाने, यूएन में साझेदारी बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि रूस और भारत के बीच 18 साल से शिखर वार्ता होती आ रही है। इसकी शुरुआत 2000 में नई दिल्ली में रूस के राष्ट्रपति पुतिन की पहली यात्रा से हुई थी। उसके बाद से एक साल भारत और एक साल रूस यात्रा की मेजबानी करता है।