नई दिल्ली | कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के तीन गवाहों से जम्मू-कश्मीर पुलिस की पूछताछ के वक्त उनके परिजन वहां मौजूद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इसकी इजाजत देते हुए पुलिस से निष्पक्ष ढंग से जांच करने को कहा। हालांकि वीडियोग्राफी की इजाजत नहीं दी। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने तीनों गवाहों की याचिका पर कहा कि तीनों गवाहों से पूछताछ के दौरान उनके एक-एक परिजन साथ रह सकते हैं। ये कुछ दूरी से देख सकेंगे लेकिन जांच कक्ष में नहीं जाएंगे। आरोपियों के दोस्त इन गवाहों ने याचिका में जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा पर परेशान करने का आरोप लगाया है। जस्टिस खानविलकर ने पुलिस से पूछा कि गवाहों के साथ आरोपियों की तरह क्यों व्यवहार किया जा रहा है।