पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • कर्नाटक के सियासी नाटक में उत्तर से दक्षिण तक दिनभर चला घटनाक्रम

कर्नाटक के सियासी नाटक में उत्तर से दक्षिण तक दिनभर चला घटनाक्रम

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दिल्ली संवैधानिक संस्था: सुप्रीम कोर्ट (सुबह 10:30 से 11:30 बजे)

तीन जजों की बेंच ने कहा- राज्यपाल ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल किया है।

सबसे बड़ी पार्टी को बुलाना सही या गलत? कोर्ट इसकी सुनवाई को भी तैयार। 6 हफ्ते में जवाब मांगा है। इस पर 10 हफ्ते बाद होगी सुनवाई।

आज भी दो सीन| 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई; शाम 4 बजे विधानसभा में येद्दि की परीक्षा

बोपैया कराएंगे येद्दि का फ्लोर टेस्ट, 8 साल पहले 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर बचा दी थी सरकार

हैदराबाद ले जाए गए कांग्रेस और जेडीएस विधायक रात 11 बजे बेंगलुरु रवाना हुए

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली/बेंगलुरु

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के सीएम बीएस येद्दियुरप्पा को शनिवार शाम 4 बजे बहुमत साबित करने का आदेश दिया है। राज्यपाल की ओर से दी गई 15 दिन की मोहलत रद्द कर दी गई।

बहुमत साबित करने तक येद्दि को नीतिगत फैसले लेने और एंग्लो-इंडियन सदस्य मनोनीत करने से भी कोर्ट ने रोक दिया है। फ्लोर टेस्ट प्रोटेम स्पीकर ही करवाएंगे। कोर्ट के आदेश के कुछ घंटे बाद ही राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर दिया। अक्टूबर 2010 में स्पीकर रहने के दौरान उन्होंने भाजपा के 11 बागियों और पांच निर्दलीयों को अयोग्य घोषित कर सरकार बचाने में येद्दि की मदद की थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियों के साथ उनका फैसला रद्द कर दिया था। बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के खिलाफ कांग्रेस रात को फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। शनिवार सुबह 10.30 बजे इस पर सुनवाई होगी। हालांकि, भाजपा का दावा है कि 10 साल पहले 2008 में भी वह प्रोटेम स्पीकर बन चुके हैं। सामान्यत: सबसे सीनियर विधायक प्रोटेम स्पीकर बनता है। कांग्रेस विधायक आरवी देशपांडे का नाम इस पद के लिए चर्चा में था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल पर भी तल्ख टिप्पणी की है। शेष|पेज 7 पर

जस्टिस सिकरी, अशोक भूषण और एसए बोबडे की बेंच

सुप्रीम कोर्ट के 3 आदेश

1 येद्दियुरप्पा सरकार अभी कोई भी पॉलिसी से जुड़े फैसले नहीं लेगी। एंग्लो-इंडियन सदस्य भी मनोनीत नहीं होगा।

2 सदन में बहुमत साबित करने के दौरान कनार्टक के डीजीपी उचित सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी लेंगे।

3 सरकार बनाने के लिए भाजपा को न्योता देने का फैसला सही या नहीं, इस पर 10 हफ्ते बाद सुनवाई करेंगे।

जब सुनवाई करते जस्टिस सिकरी ने सुनाया लतीफा| वॉट्सएप पर चुटकुला देखा था- बेंगलुरू के रिजाॅर्ट के मालिक ने कर्नाटक के राज्यपाल को फोन करके बताया कि उसके पास 117 िवधायक हैं। और वह सरकार बनाना चाहता है। क्या राज्यपाल रिजॉर्ट के मालिक को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे?’ -जस्टिस एके सिकरी

बेंगलुरु संवैधानिक संस्था: राजभवन (सुबह 3:30 से 4:00 बजे)

कोर्ट के फैसले के 4 घंटे बाद राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा नेता बोपैया को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिला दी। अमूमन सबसे सीनियर विधायक प्रोटेम स्पीकर बनाए जाते हैं। बोपैया 5 बार के विधायक हैं,जबकि सदन में उनसे सीनियर विधायक भी हैं।

कर्नाटक विधानसभा: आशंका- 8 साल पुराना यह सीन कहीं आज फिर न दिखाई दे

यह तस्वीर 12 अक्टूबर 2010 की है। कर्नाटक में तब भी सरकार भाजपा की थी। सीएम येद्दियुरप्पा थे और स्पीकर बोपैया। येद्दि को मदद करने के लिए बोपैया ने 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 13 मई 2011 के फैसले में कोर्ट ने कहा- ‘बोपैया ने पक्षपाती तरीके से काम किया। उन्होंने स्वाभाविक न्याय तक का उल्लंघन किया।’ कहीं आज वैसी ही स्थिति पैदा न हो जाए।

कैसे बचेगी सरकार|सदन की इफेक्टिव स्ट्रेंथ 220 है। बहुमत 111 पर होगा। 8 विपक्षी विधायक येद्दि को वोट दें या कांग्रेस+जेडीएस के 15 विधायक गैर-हाजिर रहें या इस्तीफा दें, तभी सरकार बच पाएगी। 205 विधायकों में बहुमत 103 पर होगा। प्रोटेम स्पीकर बनने से भाजपा के पास भी 103 विधायक ही हैं।

बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के खिलाफ कांग्रेस फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंची

खबरें और भी हैं...