कठुआ मामले में पीड़िता की पहचान उजागर करने पर हाईकोर्ट ने गूगल, फेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब और अन्य सोशल मीडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की इस आठ वर्षीय बच्ची की पहचान उजागर करने पर सोशल मीडिया ने देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। यह देश व पीड़िता के परिवार के प्रति अन्याय है। सोशल मीडिया वॉट्सएप आदि पर गलत ढंग से पीड़िता की फोटो व अन्य जानकारियां शेयर की गईं। सुनवाई के दौरान उक्त सोशल मीडिया की इंडियन कंपनियों ने कोर्ट को बताया कि वह इस मसले पर जवाब देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इस पर पर कोर्ट ने विदेश में बैठे कंपनियों के अधिकारियों से पूछकर यह बताने को कहा कि वह इस मसले पर वह कितना हर्जाना जम्मू कश्मीर विक्टिम कंपनसेशन फंड में देने के इच्छुक होंगे। मामले की अगली सुनवाई 29 मई को होगी।
कठुआ मामले में पीड़िता की पहचान उजागर करने का मामला