आईआईटी से जुड़े 20 लोगों ने धारा 377 को दी चुनौती
नई दिल्ली| देशभर के आईआईटी से जुड़े 20 से ज्यादा छात्रों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों और उद्यमियों ने समलैंगिकता को अपराध मानने वाली आईपीसी की धारा 377 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इनमें विभिन्न आयु वर्ग के शोधकर्ता और एलजीबीटी समुदाय के लोग भी शामिल हैं। इन्होंने दलील दी है कि कि समलैंगिकता को अपराध बनाने की वजह से उन्हें शर्म की भावना, आत्म-सम्मान की कमी और कलंक जैसा महसूस होता है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पहले ही कई याचिकाएं लंबित हैं, जिन पर 5 जजों की संवैधानिक बेंच सुनवाई कर रही है। मौजूदा याचिका आईआईटी के एलजीबीटी एल्यूमनी एसोसिएशन की तरफ से दाखिल की गई है।