जिले में डेढ़ सौ से ज्यादा एटीएम, 60% खाली, कुछ में रुपए हैं लेकिन उनसे साॅफ्टवेयर अपडेशन के कारण नहीं निकल रहे
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
किसी को परिजन/रिश्तेदारी में शादी के लिए तो किसी को बच्चों की स्कूल फीस भरने के लिए, किसी को राशन के लिए अपने खाते से रुपए निकलवाने हैं, लेकिन जिले के करीब डेढ़ सौ में से साठ फीसदी एटीएम खाली हैं। इनमें भी आधे एटीएम में रुपए तो हैं, लेकिन 200 रुपए के नोट की ट्रे लगाने और साफ्टवेयर के अपडेशन के चलते वे नोट नहीं दे रहे। ऐसे में लोगों को पिछले तीन दिन से करेंसी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि बैंक अधिकारियों का कहना है कि ‘इट्स टाइम फेज प्राब्लम, जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।’
बैंकों के एटीएम काउंटर पर लगा ‘नो कैश’ का नोटिस एवं जिलेभर में अधिकांश एटीएम मशीनों के स्क्रीन पर आ रहा ‘नो कैश या नोट इनेबल टू डिस्पेंस मनी’ (पैसा देने में सक्षम नहीं) जैसे मैसेज से ग्राहक परेशान हैं। चिड़ावा में तो शटर बंद कर नो कैश का बोर्ड लटका दिया गया है। जिन एटीएम में रुपए हैं वहां लंबी लाइनें लग रही हैं। गत तीन दिन से बने ऐसे हालात ने सवा साल बाद एक बार फिर नोट बंदी की याद दिला दी है। बैंकिंग सूत्रों का कहना है कि रुपयों की कोई कमी नहीं है, 200 रुपए के नोटों के लिए मशीनों में नई ट्रे लगाने व सॉफ्टवेयर अपडेशन के चलते दिक्कतें आ रही हैं।
झुंझुनूं शहर में विभिन्न बैंकों की तीन दर्जन से ज्यादा एटीएम मशीनें लगी हुई हैं। इनमें रोडवेज बस स्टैंड के निकट लगा एचडीएफसी बैंक की एटीएम मशीन तीन-चार दिन से बंद पड़ी है, यहां तक कि काउंटर का शटर ही डाउन है। इसके अलावा कुछ मशीनों के स्क्रीन पर नो केश का मैसेज आ रहा है तो कुछ मशीनें एटीएम कार्ड को पढ़ने, पिन नंबर, रुपए आदि पूछने के बाद रुपए देने की प्रोसेसिंग के दौरान नोट इनेबल टू डिस्पेंस मनी का मैसेज आ रहा है। हालांकि इस सबके बीच एसबीआई, बीओबी, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई सहित कुछ बैंकों के एटीएम रुपए दे रही थे, जहां ग्राहकों की भीड़ रही।
खेतड़ी. कस्बे में एसबीआई की चेस्ट ब्रांच है। 16 अप्रैल को ही आरबीआई से कैश आया है। इस ब्रांच पर दो हजार व पांच सौ के नोट नहीं आ रहे हैं, सौ-सौ के नोट ही आ रहे हैं। शाखा प्रबंधक ने बताया कि छोटे नोट होने से भरने के कुछ ही मिनटों बाद मशीनें खाली हो जाती है। स्टाफ की कमी के चलते बार-बार एटीएम में रुपए भरने में दिक्कतें आ रही हैं।
सूरजगढ़. छह एटीएम में से मात्र एक एटीएम से ही बुधवार को कैश मिल रहा था। एसबीआई के तीन, बीओबी, बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक व पीएनबी के एक-एक एटीएम है। पीएनएबी के एटीएम को छोड़ कर सभी में दो-तीन दिन से कैश नहीं है। एसबीआई में तो रुपए के लेन देन में भी दिक्कत आ रही है। बैंक प्रबंधक के मुताबिक कोई बड़ी रकम निकालने आ रहा है तो कैश की समस्या हो रही है।
नवलगढ़ में अस्थायी तौर पर एटीएम बंद किया, चिड़ावा में ज्यादातर खाली
चिड़ावा. एसबीआई का बंद एटीएम।
नवलगढ़ | बुधवार को एटीएम मशीनों से कैश नहीं होने से उन्हें अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया। ग्राहकों के मुताबिक बड़े बैंकों में भी कैश की किल्लत है। ग्राहकों को शाखाओं में भी समय पर रुपया नहीं मिलने से परेशानी हुई। थाने के पास एसबीआई का एटीएम तीन दिन से बंद है।
उदयपुरवाटी | करीब एक सप्ताह में बैंकों में काफी रुपया जमा हुआ है। जानकारी के मुताबिक मुख्य बाजार स्थित चेस्ट ब्रांच में रोजाना करीब 50 लाख रुपए से अधिक राशि जमा होती है लेकिन गत एक सप्ताह से 30-40 लाख रुपए भी जमा नहीं हो रहे हैं। करीब 15 दिन में ही दो से तीन करोड़ रुपए बैंकों से निकाल लिए गए। अब शाखाओं में 10 रुपए के सिक्के तथा 10-20 रुपए के नोट ही बचे हैं। गुढ़ा शाखा से लगाए गए शाखा प्रबंधक रमेश शर्मा के मुताबिक एसबीआई की लगभग सभी शाखाओं में एकाएक नकदी कमी हो गई है। पीएनबी की हालत अच्छी है। वहां रोजाना जितने रुपए जमा होते हैं उससे आधे रुपए ही निकाले जा रहे हैं। शाखा प्रबंधक एलएल मीणा ने बताया कि उनका एटीएम काउंटर कभी बंद नहीं हुआ है और ना ही उनके यहां नकदी की कमी है।
चिड़ावा | कस्बे में 23 एटीएम मशीनें हैं। इनमें से अधिकांश मशीनों में तो रुपए ही नहीं हैं। कई एटीएम काउंटर बंद तो कहीं मशीन के पास रुपए निकालने आने वालों की पर्चियों के ढेर लगे हुए हैं। एटीएम काउंटरों के शटर और दरवाजों पर, “”ये एटीएम अस्थाई रूप से सेवा में नहीं है’ लिखा पढ़कर ग्राहक निराश लौटते दिखाई दिए।
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
किसी को परिजन/रिश्तेदारी में शादी के लिए तो किसी को बच्चों की स्कूल फीस भरने के लिए, किसी को राशन के लिए अपने खाते से रुपए निकलवाने हैं, लेकिन जिले के करीब डेढ़ सौ में से साठ फीसदी एटीएम खाली हैं। इनमें भी आधे एटीएम में रुपए तो हैं, लेकिन 200 रुपए के नोट की ट्रे लगाने और साफ्टवेयर के अपडेशन के चलते वे नोट नहीं दे रहे। ऐसे में लोगों को पिछले तीन दिन से करेंसी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि बैंक अधिकारियों का कहना है कि ‘इट्स टाइम फेज प्राब्लम, जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।’
बैंकों के एटीएम काउंटर पर लगा ‘नो कैश’ का नोटिस एवं जिलेभर में अधिकांश एटीएम मशीनों के स्क्रीन पर आ रहा ‘नो कैश या नोट इनेबल टू डिस्पेंस मनी’ (पैसा देने में सक्षम नहीं) जैसे मैसेज से ग्राहक परेशान हैं। चिड़ावा में तो शटर बंद कर नो कैश का बोर्ड लटका दिया गया है। जिन एटीएम में रुपए हैं वहां लंबी लाइनें लग रही हैं। गत तीन दिन से बने ऐसे हालात ने सवा साल बाद एक बार फिर नोट बंदी की याद दिला दी है। बैंकिंग सूत्रों का कहना है कि रुपयों की कोई कमी नहीं है, 200 रुपए के नोटों के लिए मशीनों में नई ट्रे लगाने व सॉफ्टवेयर अपडेशन के चलते दिक्कतें आ रही हैं।
झुंझुनूं शहर में विभिन्न बैंकों की तीन दर्जन से ज्यादा एटीएम मशीनें लगी हुई हैं। इनमें रोडवेज बस स्टैंड के निकट लगा एचडीएफसी बैंक की एटीएम मशीन तीन-चार दिन से बंद पड़ी है, यहां तक कि काउंटर का शटर ही डाउन है। इसके अलावा कुछ मशीनों के स्क्रीन पर नो केश का मैसेज आ रहा है तो कुछ मशीनें एटीएम कार्ड को पढ़ने, पिन नंबर, रुपए आदि पूछने के बाद रुपए देने की प्रोसेसिंग के दौरान नोट इनेबल टू डिस्पेंस मनी का मैसेज आ रहा है। हालांकि इस सबके बीच एसबीआई, बीओबी, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई सहित कुछ बैंकों के एटीएम रुपए दे रही थे, जहां ग्राहकों की भीड़ रही।
खेतड़ी. कस्बे में एसबीआई की चेस्ट ब्रांच है। 16 अप्रैल को ही आरबीआई से कैश आया है। इस ब्रांच पर दो हजार व पांच सौ के नोट नहीं आ रहे हैं, सौ-सौ के नोट ही आ रहे हैं। शाखा प्रबंधक ने बताया कि छोटे नोट होने से भरने के कुछ ही मिनटों बाद मशीनें खाली हो जाती है। स्टाफ की कमी के चलते बार-बार एटीएम में रुपए भरने में दिक्कतें आ रही हैं।
सूरजगढ़. छह एटीएम में से मात्र एक एटीएम से ही बुधवार को कैश मिल रहा था। एसबीआई के तीन, बीओबी, बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक व पीएनबी के एक-एक एटीएम है। पीएनएबी के एटीएम को छोड़ कर सभी में दो-तीन दिन से कैश नहीं है। एसबीआई में तो रुपए के लेन देन में भी दिक्कत आ रही है। बैंक प्रबंधक के मुताबिक कोई बड़ी रकम निकालने आ रहा है तो कैश की समस्या हो रही है।
सूरजगढ. यहां भी एटीएम पर ताला।
उदयपुरवाटी . एसबीआई की चेस्ट ब्रांच में रुपए लेने के लिए लगी भीड़।