बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए
तारानगर | ढाणी कुम्हारान गांव में बुधवार को बाल विवाह रोकथाम को लेकर विधिक जागरूकता कार्यशाला हुई। अध्यक्षता सरपंच संतोष देवी ने की। एडवोकेट दिनेश पूनिया ने बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 के बारे में विस्तार से कानूनी जानकारी दी। ताल्लुका विधिक सेवा समिति सदस्य रमेश पारीक व कृष्णा भाकर ने बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से केवल वर-वधु ही नहीं आने वाली पीढ़ी भी प्रभावित होती है। जिससे बचने के लिए सामाजिक चेतना आवश्यक है।