पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • स्वास्थ्य बीमा के नियमों में बदलाव से मरीज परेशान

स्वास्थ्य बीमा के नियमों में बदलाव से मरीज परेशान

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राज्य सरकार की ओर से हाल ही में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के नियम में हुए बदलाव से मरीजों का दर्द और बढ गया है। पहले जहां मरीजों को भर्ती होने के 48 घंटे की भीतर भामाशाह कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जमा कराने की छूट थी, उसे सरकार ने खत्म करते हुए अब उसी दिन जमा कराने का नियम लागू कर दिया है। इससे कई मरीजों को इसकी पूरी जानकारी नहीं होने के कारण तकलीफ उठानी पड़ रही है और योजना के लाभों से वंचित होना पड़ रहा है। चिकित्सालय के भामाशाह नोडल अधिकारी ने बताया कि मरीज जिस दिन भर्ती होगा उसी दिन पहले रोगी को सभी दस्तावेज अस्पताल में जमा कराने होंगे। मरीज को भामाशाह कार्ड व पहचान पत्र साथ लेकर आना होगा। अन्यथा उसे भर्ती नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया आपतकाल के दौरान मरीज भामाशाह कार्ड भर्ती होने के बाद जमा करा सकता है। उल्लेखनीय है कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना 13 दिसम्बर 2015 को शुरू हुई थी।

परेशानी

भामाशाह कार्ड व पहचान पत्र साथ लेकर नहीं आए तो नहीं होगा इलाज,

इसलिए किया समय कम

अरबन हेल्थ प्लानिंग कंसलटेंट के अनुसार पहले मरीज को भर्ती कर उसकी टीआईडी (ट्रांजेक्शन आईडी) जनरेट कर दी जाती थी और 48 घंटे के भीतर दस्तावेज जमा कराने के लिए कह दिया जाता था लेकिन कई जिलों में निजी चिकित्सालयों में उसका दुरुपयोग सामने आया और बीमा कम्पनियों से फर्जी तरीके से भुगतान उठा लिया गया। साथ ही रिजेक्शन के मामले भी बहुत बढ़ रहे थे इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है। भामाशाह के नोडल अधिकारी चिकित्सालय के डॉ. नीरज अरोड़ा ने बताया कि करीब एक माह से भामाशाह दस्तावेज जमा कराने का समय उसी दिन का है, जिस दिन मरीज भर्ती होता है।

मिलता है तीन लाख का कवर :योजना में व्यक्ति को तीन लाख रुपए तक बीमा कवर मिलता है। साधारण बीमारियों के लिए तीस हजार रुपए प्रतिवर्ष तथा गंभीर बीमारियों के लिए तीन लाख रुपए की राशि कवर मिलता है। योजना के तहत 1401 प्रकार की बीमारियों के पैकेज उपलब्ध हैं।

खबरें और भी हैं...