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जोगणिया माता पहुंचे अधिकारी, जांच में पता चला कि 30 नाबालिग जोड़े धोक लगाने आए थे
भास्कर संवाददाता | बिजौलिया
आखातीज पर बाल विवाह की रोकने की पुलिस व प्रशासन ने तैयारियां की, लेकिन बाल विवाह रोकने में नाकाम रहे। आखातीज से एक दिन पहले कई नाबालिग परिणय सूत्र में बंध गए। मंगलवार सुबह 11:30 बजे करीब 15 नाबालिग जोड़े धोक लगाने जोगणिया माता पहुंचे थे। मामले की जांच करने बुधवार को बिजौलिया एसडीएम प्रवीण कुमार, तहसीलदार भूपेंद्र सिंह व पटवारी संजय पाराशर जोगणिया माता पहुंचे। अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि दोपहर बाद 15 और नाबालिग जोड़े धोक लगाने जोगणिया माता पहुंचे थे।
यह जोड़े बेगूं क्षेत्र के होने की बात सामने आई है। तहसीलदार भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 9:30 बजे जोगणिया माता पहुंचे। मंदिर कमेटी के सदस्यों से जानकारी लेने पर सामने आया कि मंगलवार को करीब 30 नाबालिग जोड़े धोक लगाने मंदिर पहुंचे थे। सदस्यों ने बताया कि शादी के बाद मन्नत पूरी करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से यहां धोक लगाने आते हैं। ज्यादातर नाबालिग जोड़े बेगूं क्षेत्र के थे।
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बाल विवाह को लेकर बेगूं प्रशासन गंभीर नहीं
बेगूं के रेवेन्यू इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह व पटवारी बुधवार को जोगणिया माता पहुंचे। एसडीएम व तहसीलदार दोनों मुख्यमंत्री के दौरे के कारण जोगणिया माता नहीं पहुंच पाए। रेवेन्यू इंस्पेक्टर सिंह ने बताया कि हमें तो सिर्फ एक नाबालिग जोड़ा जोगणिया माता पहुंचने की जानकारी मिली है। यह जोड़ा बेगूं के पास चेंची एरिया का होने की बात सामने आई है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए सरकार गंभीर है, लेकिन बेगूं प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मामले को लेकर सिर्फ खानापूर्ति कर दी गई।
बिजौलिया. फूलासती की धार मंदिर में धोक लगाता नाबालिग दूल्हा।
आखातीज पर धोक लगाने पहुंचा नाबालिग जोड़ा
तिलस्वां के पास स्थित फूलासती की धार मंदिर में बुधवार दोपहर एक नाबालिग जोड़ा धोक लगाने पहुंचा। आखातीज पर बड़ी संख्या में सावे होने के बावजूद प्रशासन बाल विवाह नहीं रोक पाया। विवाह के बाद परिजनों के साथ आए नाबालिग जोड़े ने धोक लगाकर मन्नत पूरी की।