शॉर्ट सर्किट से कपड़े की दुकान में लगी आग से फैली दहशत, 8 लाख का नुकसान
कस्बे में बुधवार सुबह एक कपड़े की दुकान में लगी आग से करीब 6-7 लाख रुपए के कपड़े जलकर राख हो गए और दुकान के छत की पटि्टयां ढस गई। सुबह करीब 8 बजे लोगों को गांधी चौक लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर के पास ओमप्रकाश व गोपाल छीपा की दुकान में से धुंआ उठता दिखा तो आग का पता लगा। आग की जानकारी मिलते ही आस-पास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग छतों पर से आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। दुकान में धधकती आग से छत की पटि्टयां और दीवारों में दरार आ गई। यदि समय पर आग नहीं बुझती तो आस-पास दुकानों में भी आग फैल जाने का डर था।
इधर, राजगढ-गंदेलिया के जंगल में भी अचानक आग लग गई। आग से जंगल में पेड़ व घास जल गई। तेज हवा के कारण आग करीब तीन किमी पर फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासनिक कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। वहीं बुधवार को सूलीमंगरा जूनी बेगूं की तरफ भी एक बाड़े में पड़ी लकड़ियों में लगी आग को आग लग गई। आग को ग्रामीणों ने बुझाया।
आग बुझाने को नपा के पास नहीं है दमकल
बेगूं. कपड़े की दुकान में आग लगने के बाद उठातां धूआं।
क्षेत्र में आए दिन हो रही आग की घटनाओं में दमकल की महती आवश्यकता होती है, लेकिन बेगूं नगरपालिका के पास एक भी दमकल नहीं है। बुधवार को लगी आग से दुकान में लाखों का नुकसान हुआ। आग लगने पर चित्तौड़गढ से दमकल बुलाई जाती है और उसके पहुंचने तक नुकसान हो जाता है। बेगूं नगरपालिका को हिन्दुस्तान जिंक द्वारा दो वर्ष पूर्व एक दमकल दी गई थी, लेकिन नपा द्वारा रखरखाव नहीं किए जाने से दमकल नकारा हो गई और एक सप्ताह पूर्व ही वापस जिंक में भेज दी गई। वर्तमान स्थिति में यहां पानी के टैंकरों से आग बुझाने के अलावा और कोई व्यवस्था नहीं है।