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परनामी ने दिया इस्तीफा, अर्जुन मेघवाल को प्रदेशाध्यक्ष बना भाजपा खेलेगी दलित कार्ड

3 वर्ष पहले
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राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य नियुक्त किए जाने के बाद परनामी ने मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में दर्शन किए।

हार के कारण नहीं दिया इस्तीफा : परनामी

परनामी ने कहा- उपचुनाव में पार्टी को मिली हार की वजह से मेरा इस्तीफा नहीं है। भाजपा में हार और जीत सभी की सामूहिक मानी जाती है। उन्होंने व्यक्तिगत व्यस्तता के चलते पद छोड़ा है।

क्यों बदले गए परनामी

बताया जा रहा है कि परनामी ने 16 अप्रैल को अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेज दिया था, लेकिन इसकी पुष्टि बुधवार को हुई। विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद वर्ष 2014 में परनामी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनका सरकार से तालमेल भी ठीक रहा। लेकिन, लोकसभा की दो (अजमेर-अलवर) एवं मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव में मिली हार के बाद से परनामी को बदले जाने की खबरें उठने लगी। केंद्रीय नेतृत्व को भी लगने लगा कि वहां सब-कुछ ठीक नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सीएम वसुंधरा से कई बार बातचीत की। पिछले महीने भी शाह एवं सीएम के बीच लंबी मंत्रणा हुई थी। इसके बाद ही तय हो गया था कि पार्टी में फेरबदल होगा।

दलित कार्ड इसलिए... क्योंकि 59 सीटें आरक्षित, इनमें से 52 अभी भाजपा के खाते में

एससी-एसटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट निर्णय के बाद सरकार की तरफ से याचिका दाखिल करने में देरी से दलितों में असंतोष फैला। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान कई स्थानों पर हिंसा हुई। मुकदमे दर्ज हुए। दलितों की नाराजगी दूर करने का प्रयास होगा।

एससी-एसटी कांग्रेस का वोट बैंक माना जाता था। विधानसभा की 59 सीटें आरक्षित हैं। एससी के लिए आरक्षित 34 सीटों में 32 व एसटी की 25 आरक्षित सीटों में से 20 सीटें भाजपा के पास हैं। लोकसभा की आरक्षित सभी 7 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। पार्टी नहीं चाहेगी आगामी चुनाव में इन आंकड़ों में बड़ा बदलाव हो।

दलितों पर अत्याचार की घटनाओं को लेकर सरकार व भाजपा को कांग्रेस घेरती रही है। जवाब देने के लिए दलित कार्ड खेल सकते हैं।

मंत्रिमंडल में फेरबदल की फिर चर्चा

राज्य मंत्रिमंडल में एक बार फिर फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। नए अध्यक्ष के आने के बाद सरकार ने कुछ मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है। नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है। परनामी को भी मंत्रिमंडल में शामिल कर उन्हें अहम विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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