पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Kota
  • पुरानी सड़क खोदे बिना नई बिछा रहे वह भी इतनी घटिया...बनते ही उखड़ी

पुरानी सड़क खोदे बिना नई बिछा रहे वह भी इतनी घटिया...बनते ही उखड़ी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज|झालावाड़/डग/खानपुर

जिले का प्रभार पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान के पास है। इसी का नतीजा रहा कि यहां करोड़ों रुपए की सड़कों की सौगातें जिलेवासियों को मिलीं, लेकिन इनमें से कई सड़कों में घटिया निर्माण का खमियाजा भी लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यहां पर घटिया निर्माण का ही नतीजा है कि बड़ी संख्या में गारंटी पीरियड की सड़कें खराब हो रही हैं। भास्कर टीम ने ऐसे तीन मामलों की पड़ताल की है, इसमें दो सड़कें तो गारंटी पीरियड में ही दम तोड़ गई हैं, जिन पर अब पैचवर्क का मरहम लगवाया जा रहा है। इसी तरह उन्हैल से गंगधार मार्ग तक 25 किमी मार्ग का सामने आया है। यहां पुरानी क्षतिग्रस्त सड़क पर ही डामर की परत चढ़ाई जा रही है, जिससे इस मार्ग की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। भास्कर टीम ने इन सड़कों के हालात मौके पर जाकर देखे ऐसे में हालात काफी खराब दिखाई दिए।

उन्हैल गंगधार मार्ग पर पीपीपी मोड पर सड़क का निर्माण हो रहा है। यह मार्ग टेस्टिंग डिजाइन के आधार पर बनाया जा रहा है। इसमें टेस्टिंग में यह तय हुआ कि 8 से 10 किमी सड़क को तो उखाड़कर बनाया जाना है और जो हिस्सा खराब नहीं है उस पर डामर चढ़ाया जाना है। इससे रोड की गुणवत्ता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अनिल जैन, प्रोजेक्ट मैनेजर, उन्हैल गंगधार मार्ग

जोलपा-सूमर मार्ग पर हमने कोई पैचवर्क नहीं करवाया है। अभी यह सड़क गारंटी पीरियड में है, इस कारण ठेकेदार ही यहां पर पैचवर्क करवा रहा है। एके साहू, एक्सईएन, खानपुर

उन्हैल-गंगधार सड़क पर भ्रष्टाचार की परत
उन्हैल-गंगधार रोड: आगे बन रही-पीछे उखड़ रही
45 करोड़ रुपए से उन्हैल से गंगधार तक डामर सड़क का निर्माण हो रहा है। जब भास्कर टीम मौके पर पहुंची तो पुरानी क्षतिग्रस्त डामर सड़क पर ही डामर की परत चढ़ाई जा रही थी। यह मार्ग सालों पहले बना था। इसके चलते अब यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जगह-जगह इस मार्ग पर गड्ढे दिखाई देते हैं और डामर उखड़ने लगा है। इसी पुराने मार्ग पर डामर की परत चढ़ाने से ठेकेदार के पैसों की बचत तो हो रही है, लेकिन इसकी मजबूती और गुणवत्ता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इससे गुणवत्ता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन हकीकत यह है कि पहले सड़क की पूरी तरह से खुदाई की जानी चाहिए। उसके बाद उसमें गिट्टी, मिट्टी और रेती का भराव करने के बाद डामर चढ़ाना होता है। जबकि इस मार्ग पर इन नियमों के उलट काम हो रहा है। हालात यह है कि आगे आगे सड़क बन रही पीछे पीछे उखड़ती जा रही है। यह मार्ग पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में बनाया जा रहा है।

सूमर-जोलपा मार्ग में गारंटी पीरियड में कर रहे पैचवर्क
खानपुर क्षेत्र में सूमर, सांगोद जोलपा मार्ग का है। 350 लाख से साढ़े पांच किमी क्षेत्र तक रोड का निर्माण 2016 में करवाया गया था। अब हालात यह है कि यहां पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। विभाग ने पैचवर्क करवाया है, लेकिन उसमें भी आड़े-तिरछे पैच लगाए जा रहे हैं। जबकि पैचवर्क के सारे नियम दरकिनार हो रहे हैं। पैचवर्क सड़क से काफी अधिक मोटाई के हैं। अभी तक यहां न ठेकेदार पर कार्रवाई हो पाई है और न ही उसकी धरोहर राशि में से पैसा काटा गया है।

गारंटी खत्म होने में 7 माह, 1 बार भी किसी ने नहीं ली सुध
डग क्षेत्र में जगदीशपुरा ग्राम पंचायत के रतनपुरा गांव से मध्यप्रदेश की सीमा तक बनी सड़क की गारंटी अवधि खत्म होने में अभी सात माह का समय शेष बचा है और यह सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में शुरुआती दौर से अब तक इस मार्ग की किसी भी अधिकारी ने सुध नहीं ली, यहां एक बार भी पैचवर्क तक नहीं करवाए गए। 5 किमी की यह सड़क 111 लाख रुपए में बनी थी। अभी हालात यह है कि सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। पुलिया भी जर्जर हालात में है। यहां कई बार वाहन इन गड्ढों से दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इस मार्ग पर गुणवत्ता का ही अभाव है कि शुरुआती दौर से ही यह उखड़ना शुरू हो गया था। अब तक भी किसी अधिकारी ने यहां आकर इस सड़क के हालात नहीं देखे हैं।

खबरें और भी हैं...