सीरिया पर 1700 करोड़ रु. की 110 मिसाइलें गिरी; सीरिया का दावा- एक तिहाई मिसाइलें हवा में नष्ट की, तीन जख्मी
जब चरमपंथी हार गए तब अमेरिका हमला कर रहा है
ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। जब आतंकी हार गए, तब अमेरिका ने चरमपंथ को बढ़ावा देने के लिए सीरिया पर हमला बोला है।
दावा- इन ठिकानों पर हुआ हमला
रूस को सबक सिखाना था हमले का मकसद
दमिश्क का एक वैज्ञानिक शोध संस्थान, जो कथित रूप से रासायनिक और जैविक हथियारों के उत्पादन से जुड़ा था।
जो रूस ने कहा
यह उकसावे की कार्रवाई; इस हमले के नतीजे भुगतने पड़ेंगे
यह उकसावे की कार्रवाई है। हमने पहले ही चेतावनी दी थी- अगर सीरिया पर कोई कार्रवाई की गई तो इसके नतीजे जल्द ही भुगतने पड़ेंगे।
अल अरेबिया (मिडिल ईस्ट)| अमेरिका की सीरिया को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। उसने यहां सबकुछ अपने सहयोगी फ्रांस और ब्रिटेन पर छोड़ रखा है। दरअसल, वेस्टर्न देशों ने सीरिया के बहाने रूस को सबक सिखाया है। संदेश दिया कि अगर वो सीरिया में केमिकल अटैक करता है तो उसे अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों से सैन्य प्रतिक्रिया मिलेगी। इस हमले से सीरिया में जमीनी स्तर में कोई बदलाव नहीं आएगा।
होम्स शहर के पश्चिमी इलाके में स्थित रासायनिक हथियारों के गोदाम को निशाना बनाकर हमला किया गया।
जो फ्रांस ने कहा....
हम गृहयुद्ध में दखल नहीं दे रहे, पर केमिकल अटैक बर्दाश्त नहीं
यह एक लिमिटेड हमला था, हमारा किसी गृहयुद्ध में दखल देने का कोई इरादा नहीं है। हम केमिकल हमले को कतई स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
होम्स शहर में एक अहम सैन्य ठिकाना है, जहां रासायनिक हथियारों से जुड़ी सामग्री को रखा जाता था।
धरती, आकाश और पानी से किया हमला
ब्रिटेन: टॉरनेडो प्लेन नेे होम्स में गिराई मिसाइल
ब्रिटेन के चार लड़ाकू विमान टारनेडो ने कार्रवाई की। इन विमानों ने साइप्रस स्थित अपने बेस कैंप से उड़ान भरी। स्टॉर्म शैडो मिसाइल से हमले किए। एक मिसाइल की कीमत 7 करोड़ है। टॉरनेडो प्लेन की एक घंटे की उड़ान पर 30 लाख रुपए खर्च होते हंै।
यूएस : युद्धपोत से छोड़ी टामहॉक मिसाइल
अमेरिका ने यूएस बी-1 बॉम्बर प्लेन से टामहॉक मिसाइल दागी। इसके अलावा सीरिया के बेसकैंप और तीन समुद्री पोत से भी टॉम हॉक मिसाइल छोड़ी। अमेरिका ने इन 110 मिसाइलों में से अकेले 60 से अधिक दागी हैं। एक मिसाइल की कीमत करीब 13 करोड़ रु. है।