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नारकोटिक्स विभाग अब तक कर चुका है 21 हजार 751 किलो अफीम का तोल, आज अंतिम दिन
धरियावद नाका स्थित अस्थायी अफीम तोल केंद्र पर चल रहे अफीम तोल में शनिवार को 18 गांवों के 213 काश्तकारों की अफीम का तोल हुआ। रविवार को अंतिम 14 गांवों के 93 काश्तकारों का तोल किया जाएगा।
जिला अफीम अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि अब तक विभाग ने 131 गांवाें के 3110 किसानों की 21 हजार 751.420 किलो अफीम का तोल किया जा चुका है। इसके बदले विभाग किसानों को 3 करोड़ 25 लाख 57 हजार 458 रुपए का भुगतान कर चुका है। शनिवार को सेमलोपुर, अखेपुर, नकोर, रामगढ़, खेरोट, साकरिया, विरावली, झांसड़ी, कोदीनेरा, बनेडिया कला, सेमली, रीछा, बेलारा, बमोतर अ, डोराना, असावता, वनपुरा, गोपालपुरा, ठिकरिया व सेलारपुरा कला के काश्तकाराें की अफीम का तोल किया गया। रविवार को मेरियाखेड़ी, धमोतर, जहाजपुरा, झांतला, अमलावद, सावाखेड़ा, सन्नोटी, बरखेड़ी रावजी, चाचाखेड़ी, बोरदिया, चंदेरा, बेलारी, सेलारपुरा खुर्द व टकरावद गांव के काश्तकारों की अफीम का तोल होगा।
प्रतापगढ़। अफीम तोल केंद्र पर अफीम के भुगतान की जानकारी लेते काश्तकार।
बदली कार्यशैली, जल्दी तोल होने से खुश नजर आए काश्तकार
पिछले कई सालो से अफीम तोल में काफी लंबा समय लगने और देर रात तक अफीम का तोल चलने से किसानों को घर पहुंचने में काफी परेशानी होती थी। देर रात को कई बार किसानाें को साधन नहीं मिलने से इधर-उधर भटकना पड़ता था। इस बार विभाग के अधिकारियों ने कार्यशैली में बदलाव करने से जल्दी तोल हो जाने से अफीम काश्तकार काफी खुश नजर आ रहे हैं। मुखिया जमकलाल डांगी, प्रभुलाल पाटीदार, अफीम काश्तकार रमेश पाटीदार ने बताया कि पूर्व में तोल की प्रक्रिया काफी लंबी चलती थी। इससे काश्तकार दूसरे दिन देर रात तक घर पहुंच पाता था। इसके साथ ही देर रात को तोल पूरा होने के कारण घर पहुंचने के साधन भी नहीं मिल पाते थे। इससे किसानाें को काफी परेशानी हाेती थी। इस बार तोल की प्रक्रिया दोपहर में ही पूरी हो जाने से किसान जल्दी ही अपने घर पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही तोल केंद्र पर किसानों के लिए व्यवस्था भी काफी अच्छी की गई है। इससे यहां अाने वाले अफीम काश्तकारों को भटकना नहीं पड़ रहा।