सिंधी भाषा दिवस; विकास में योगदान बताया, बच्चों में सिंधीयत की बात कही
भास्कर संवाददाता|चित्तौड़गढ़
सिंधी समाज के लोगों ने मेहनत, लगन से सफलता अर्जित कर एक मुकाम स्थापित किया है, लेकिन आज की पीढ़ी अपनी भाषा व संस्कृति से विमुख होती जा रही है, हमें हर हाल में समाज के बच्चों व युवा वर्ग को अपनी भाषा व संस्कृति से जोड़े रखना है।
यह विचार भारतीय सिंधु सभा के संभाग प्रभारी बुधरमल भोजवानी ने सिंधी भाषा दिवस पर सिंधु कम्यूनिटी हाॅल में कार्यक्रम में व्यक्त किए। शिक्षाविद् व सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी धैर्य कुमार ठक्कर ने प्राचीन भारत से वर्तमान भारत के विकास में सिंधी समाज के लोगों की भूमिका बताई। बाल संस्कार शिविरों से अपनी भाषा व संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
जिला मंत्री योगेश भोजवानी ने बताया की विचार गोष्टी को भारतीय सिंधु सभा की महिला प्रदेश उपाध्यक्ष वंदना वजीरानी, जिलाध्यक्ष जोधराज तनवानी, नगर अध्यक्ष कमलेश खटवानी, नगर महिला अध्यक्ष आशा आहुजा, पूज्य सिंधी पंचायत के सचिव विजय मलकानी, उपाध्यक्ष नरेश नेभनानी ने भी संबोधित किया।