12 मार्च की निविदा को भ्रमित कर निकाली गई विज्ञप्ति
धौलपुर| सीएमएचओ कार्यालय की ओर से एक विज्ञप्ति जारी कर उसमें भ्रमक तरीके से प्रचार-प्रसार किया गया है। निविदाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किसी मनचाही फर्म को टेंडर दिलाने के लिए टेंडर के प्रचार और प्रसार के लिए निकाली गई निविदाओं की विज्ञप्तियों को भ्रामक तरीके से प्रसारित करवाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए पत्र क्रमांक 1125 द्वारा 28 मार्च 2018 को एक निविदा आमंत्रित की गई थी, जिसे मिलीभगत कर अपने चहेतों को काम देने के उद्देश्य से हेराफेरी कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। सीएमएचओ द्वारा निविदा संख्या 2018-19/1128 आमंत्रित खुली निविदा निकाली गई थी। जिसके अंतर्गत कार्यालय के अधीन विभिन्न योजनाओं के तहत स्टेशनरी सप्लाई और प्रिंटिंग कार्य के लिए इच्छुक निविदा आमंत्रित की गई थी, जबकि विज्ञप्ति में स्टेशनरी से भिन्न प्रशिक्षण के लिए भोजन एवं आवास व्यवस्था की निविदा आमंत्रित की गई है। विभाग द्वारा निविदादाताओं को भर्मित करने के लिए जानबूझ कर ऊपर स्टेशनरी और प्रिंटिंग कार्य की निविदा मांगी गई है। जिससे जनरल ऑर्डर सप्लाई और भोजन सामग्री के ठेकेदार निविदा ही न डाल सके। वहीं दूसरी निविदा स्टेशनरी व अन्य सामग्री के लिए भी अलग से 2018-19/1080 दिनांक 8.3.18 को निविदा आमंत्रित की गई थी, जिसमें निविदा की आमंत्रित तिथि के अनुसार 27 मार्च शाम 6 बजे तक निविदा प्राप्त किए जाने और 28 मार्च दोपहर 12 बजे तक जमा निविदा कराए जाने का जिक्र निविदा में किया गया है। जबकि निविदा की विज्ञप्ति 28 मार्च के समाचार पत्र (दैनिक भास्कर में नहीं) में प्रकाशित की गई है, जो कि निविदा खरीदने के समय के बाद प्रकाशित हुई है। जिससे अधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए विज्ञप्ति को इस तरह छपवाया।
स्टेशनरी और प्रिंटिंग की निविदा में मांगा प्रशिक्षण के लिए भोजन व्यवस्था
धौलपुर. विज्ञप्ति के नियम।
सीएमएचओ पर कई बार लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
पूर्व में भी कई बार सीएमएचओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। कई बार सोशल साइट्स पर मित्तल के ऑडियो वायरल हुए हैं व कई डॉक्टर व अन्य नर्सिंग कर्मियों ने भ्रष्टाचार के खुलेआम आरोप लगाए हैं। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. राजेश मित्तल ने बताया कि हमारे यहां से एनआईटी पोर्टल पर डाल दिया गया था। 9 मार्च को हमने सूचना संपर्क विभाग जयपुर को रजिस्ट्री भी कर दी थी। नियमानुसार इसे जल्द ही न्यूजपेपर में प्रकाशित होना था, लेकिन 28 मार्च को छपने के बाद टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी है। टेंडर प्रिंटिंग में जो गलती हुई है, इसकी जिम्मेदारी अकाउंटेंट की है। जिसे मैं चार्जशीट जारी कर रहा हूं।