श्मशान में गंदे पानी की निकासी को लेकर दो पक्षों में विवाद, गांव के सभी रास्तों पर नाकाबंदी कराई
बिसाऊ. बैठक में दोनों पक्षों के लोगों से समझाइश करते मंत्री राजेंद्र राठौड़।
भास्कर न्यूज | बिसाऊ
कस्बे से मात्र तीन किमी दूर चूरू जिले की सीमा में स्थित राणासर गांव में श्मशान भूमि पर छोड़े जा रहे गंदे पानी की निकासी को लेकर रविवार को दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। चूरू जिला मुख्यालय से पुलिस व आरएससी का जाप्ता तैनात किया गया। विवाद को देखते हुए पुलिस ने राणासर गांव के लगती सभी सीमाएं व रास्तों पर नाकाबंदी की है। बिना पहचान किसी को भी गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने शनिवार को लोगों को समझाया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। रविवार को तय किया कि श्मशान की ओर जा रहे पानी को रोकने तथा निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दोनों पक्षों की बैठक कर कोई सर्वमान्य हल निकाला जाएगा।
बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से गांव की श्मशान भूमि पर एक मोहल्ले से गंदा पानी जा रहा था। इसे लेकर गांव के कुछ लोगों ने विराेध जताया था। इस पर विवाद बढ़ गया। इसे देखते हुए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बिठाकर समझाइश की है। चूरू डीएसपी देवेन्द्र सिंह का कहना है कि सूचना मिली कि श्मशान भूमि पर गंदे पानी के नाले को लेकर विवाद है। इस पर रात को फ्लैग मार्च किया। रविवार सुबह छह बजे से जाप्ता तैनात किया। दोपहर डेढ़ बजे बाद भारी जाप्ता हटा लिया, लेकिन गश्त जारी है। गांव में आने वाले रास्तों पर सुबह से नाकाबंदी की। चूरू एसडीएम श्वेता कोचर सहित थाना कोतवाली अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। इस विवाद को लेकर शनिवार को बिसाऊ में अंबेडकर भवन की आधार शिला रखने आए पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने समारोह स्थल के मंच के पास राणासर से आए दोनों पक्षों के लोगों की बैठक ली। गंदे पानी के विवाद पर चर्चा करते हुए दोनों को समझाने का प्रयास किया था।
डाकिड़ों वाले कुएं के पास नाकाबंदी करती बिसाऊ पुलिस।
डाकिड़ों वाले कुएं के पास नाकाबंदी करती बिसाऊ पुलिस।