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साहनी पाड़ा में 40 दिन से सफाई नहीं, मुख्य रास्ता भी बंद

3 वर्ष पहले
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कस्बे के साहनी पाडा में ग्रापं प्रशासन द्वारा 40 दिन से सफाई नहीं कराई गई है। गंदगी के कारण मोहल्ला का मुख्य रास्ता ही बंद हो गया है। मोहल्ला में गंदगी का आलम इस कदर फैला हुआ है कि राहगीरों का पैदल ही नहीं दुपहिया वाहनों से रास्ता निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं गंदगी के कारण घर-घर में बीमारी फैली हुई है। मोहल्लावासी अस्पताल से दवाई लाते लाते थक चुके है। ग्रापं प्रशासन मूकदर्शक बनकर सबकुछ देखते हुए मौहल्लेवासियों की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। जिसके कारण साहनी पाड़ा में ग्रापं प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है। मौहल्लेवासियों ने बताया कि सफाई व्यवस्था में विफल रहने के लिए ग्रापं प्रशासन दोषी है। ग्रापं प्रशासन ने वार्डपंचों को विश्वास में लेकर सफाई व्यवस्था की कोई ठोस नीति नहीं बनाई हुई है। जिसके कारण कस्बे में चहुंओर गंदगी फैली हुई है। जबकि ग्रापं प्रशासन सफाई के नाम पर लाखों की राशि प्रतिमाह खर्च कर रहा है। ऐसे में ग्रापं प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठने लग गए है। साहनी पाड़ा का आलम यह है कि घर-घर में नौनिहाल बीमारी से ग्रसित है, परिवारीजन बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए अस्पताल से दवाई लाते लाते थक चुके है। गंदगी के कारण साहनी पाडा बीमारी की चपेट में आ चुका है फिर भी ग्रापं प्रशासन समस्या को लेकर कतई गंभीर नहीं है।

परेशानी

लोग बोलेः सफाई के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रही है ग्रापं, लोगों में आक्रोश, घर घर में बीमारी से ग्रसित नौनिहाल

सरमथुरा. साहनी पाडा के मुख्य रास्ता में व्याप्त गंदगी।

मोहल्लावासी बोलेः चुनाव में सिखाएंगे सबक

कस्बे में साहनी पाडा मुख्य मोहल्ला है, जिसमें सभी जाति के लोग निवास करते है लेकिन ग्रापं प्रशासन के प्रतिनिधियों द्वारा मोहल्ला के साथ सौतेला व्यवहार करने के कारण चुनाव में सबक सिखाने का हवाला दे रहे है। जिसके कारण सरपंच की कार्यप्रणाली का खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। शहनाज ने बताया मोहल्लावासी जिल्लत की जिंदगी जीने को मजबूर है। गंदगी के कारण मोहल्ला में मच्छरों का आतंक फैला हुआ है। दिलशाद ने बताया कस्बे में ग्रापं प्रशासन द्वारा सफाई के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई हुई है। साहनी पाडा में 30 से 40 दिन में एक बार सफाई कराई जाती है जिसके कारण आम रास्ता तक बंद हो जाता है। अनीता सिकरवार कहती हैं साहनी पाडा ही नहीं दूसरे मौहल्लाओं की यही हालत है, कन्या पाठशाला में मुख्य गेट पर गंदगी के ढेर लगा दिए जाते हैं लेकिन ग्रापं प्रशासन ने आंख बंद की हुई है। मोहन शर्मा कहते हैं साहनी पाडा में आवारा जानवर व गंदगी के कारण आम रास्ता से बच्चों का निकलना बंद हो गया है। कई बार वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके है।

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