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अस्पताल में साढे़ आठ बजे के बाद भी नहीं पहुंचे डॉक्टर, इलाज कराने के लिए भटकते रहे मरीज

3 वर्ष पहले
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कस्बा के अस्पताल में प्रभारी सहित स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण रोगियों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। रविवार को भास्कर ने अस्पताल की पड़ताल की तो चिकित्सक ही नही स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई। स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के बाद रविवार को माॅर्निग में 8 से 10 बजे तक अस्पताल संचालित करने के आदेश दिए हुए है लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण स्वास्थ्य विभाग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। अस्पताल में साढे आठ बजे तक एक चिकित्सक के अलावा कोई भी स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नही था जबकि अस्पताल को खुले हुए 15 मिनट से अधिक गुजर गए थे। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक सचिन सिंघल बाड़ी से चलकर अस्पताल पहुंच गए लेकिन सरमथुरा से अन्य स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल तक नही पहुंच पाए। अस्पताल मे जानकारी की गई तो चिकित्सक ने स्वास्थ्यकर्मियों का हवाला देते हुए कहा कि मुझे क्या पता कि स्वास्थ्यकर्मी कहा है। छुट्टी पर गए होगे या थोडी बहुत देर में आ रहे होगे, 15-20 मिनट तो अमूमन आने में लग ही जाते है। जब नियमो व रोगियो का हवाला दिया गया चिकित्सक चुप रह गए। अस्पताल में रोगी स्वास्थ्यकर्मियों के इंतजार में भटक रहे थे। अस्पताल का ड्रेसिंग रूम तक बंद था। वही अस्पताल प्रभारी के रूम मे अधेरा व्याप्त था वहीं चेयर तक खाली पडी हुई थी।

भास्कर संवाददाता| सरमथुरा

कस्बा के अस्पताल में प्रभारी सहित स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण रोगियों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। रविवार को भास्कर ने अस्पताल की पड़ताल की तो चिकित्सक ही नही स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई। स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के बाद रविवार को माॅर्निग में 8 से 10 बजे तक अस्पताल संचालित करने के आदेश दिए हुए है लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण स्वास्थ्य विभाग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। अस्पताल में साढे आठ बजे तक एक चिकित्सक के अलावा कोई भी स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नही था जबकि अस्पताल को खुले हुए 15 मिनट से अधिक गुजर गए थे। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक सचिन सिंघल बाड़ी से चलकर अस्पताल पहुंच गए लेकिन सरमथुरा से अन्य स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल तक नही पहुंच पाए। अस्पताल मे जानकारी की गई तो चिकित्सक ने स्वास्थ्यकर्मियों का हवाला देते हुए कहा कि मुझे क्या पता कि स्वास्थ्यकर्मी कहा है। छुट्टी पर गए होगे या थोडी बहुत देर में आ रहे होगे, 15-20 मिनट तो अमूमन आने में लग ही जाते है। जब नियमो व रोगियो का हवाला दिया गया चिकित्सक चुप रह गए। अस्पताल में रोगी स्वास्थ्यकर्मियों के इंतजार में भटक रहे थे। अस्पताल का ड्रेसिंग रूम तक बंद था। वही अस्पताल प्रभारी के रूम मे अधेरा व्याप्त था वहीं चेयर तक खाली पडी हुई थी।

चिकित्सक का इंतजार करते मरीज।

अस्पताल में काम शुरू होने के बाद होती है सफाई

अस्पताल खुलने के बाद सफाईकर्मी सफाई करना शुरू करते है जिसके कारण आधा घंटा तक अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित रहती है। जबकि अस्पताल की सफाई के लिए अस्पताल खुलने के पूर्व के निर्देश अस्पताल प्रभारी ने दिए हुए है। अस्पताल प्रशासन ने सफाई के लिए साढ़े उन्तीस हजार में ठेका एनजीओ को दिया हुआ है। लेकिन सांठ-गांठ होने के कारण अस्पताल प्रभारी आंख बंद किए हुए है।

अस्पताल में सवा आठ बजे तक स्वास्थ्यकर्मी किस कारण नहींं आए मुझे कोई जानकारी नहीं है। 10-20 मिनट लेट होना कोई बडी बात नही है।

डाॅ. सचिन सिंघल, एमओ सरमथुरा

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