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विद्यार्थियों का कंप्यूटर नाॅलेज बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब में पढ़ाना अनिवार्य, सप्ताह में प्रत्येक विषय का एक पीरियड लैब में लगेगा
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों को अब सप्ताह में एक दिन विद्यालय की आईसीटी लैब में पढ़ाना होगा। शिक्षा विभाग ने राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विषय अध्यापकों को सप्ताह में एक पीरियड आईसीटी लैब में लगाने के निर्देश दिए हैं। आईसीटी लैब में पढ़ाने से विद्यार्थियों का कम्प्यूटर नॉलेज बढ़ेगा और स्कूलों की लैब भी काम अा सकेगी। ऐसी स्कूल जहां स्मार्ट क्लासेज है वहां प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। गणित और विज्ञान विषय का एक पीरियड लैब में ही लगाया जा रहा है, वर्तमान सत्र से प्रत्येक विषय का एक पीरियड लैब में अनिवार्य कर दिया गया है।
रमसा की एडीपीसी विनोद जानू ने बताया कि इसी सत्र से शिक्षकों को कम्प्यूटर लैब में एक पीरियड अनिवार्य रूप से पढ़ाना होगा। शिक्षकों ने लैब में क्या पढ़ाया, इसका विवरण अलग से रजिस्टर में लिखना होगा। रजिस्टर में पढ़ाए गए विषय और तारीख की डिटेल होगी। रजिस्टर को स्कूल का संस्था प्रधान सत्यापित करेगा और इसके बाद यह रिकॉर्ड रमसा कार्यालय में भिजवाना होगा। रिकॉर्ड संधारण की अनिवार्यता से शिक्षकों को लैब में पढ़ाना ही होगा। इससे विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। एडीपीसी ने बताया कि शुरुआत में जिले के 360 से अधिक स्कूलों में इसे अनिवार्य किया गया है। बाद में जिले के प्रत्येक स्कूल में यह योजना लागू की जाएगी।
पढ़ाने का रिकॉर्ड रमसा कार्यालय होगा, जिले के 360 से ज्यादा स्कूलों में इसी सत्र से होगी शुरुआत
लैब में पढ़ाई करते विद्यार्थी।
लैब में सेटेलाइट प्रसारण के माध्यम से होगी पढ़ाई
विद्यार्थियों को ऑडियो/वीडियो से विषय की जानकारी दी जाएगी। लैब में सेटेलाइट प्रसारण के माध्यम से पढ़ाई होगी। इससे विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों से पढ़ने का मौका मिलेगा। जिले के 35 स्कूलों में स्मार्ट क्लास हैं, ऐसे स्कूलों में प्रोजेक्टर से पढ़ाया जाएगा। राजकीय स्कूलों की आईसीटी लैब का सही उपयोग हो सकेगा। अब तक आईसीटी लैब का उपयोग बच्चों को कम्प्यूटर सिखाने तक सीमित था। जबकि स्कूलों में इस लैब को स्थापित करने का मकसद कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी का उपयोग करना है। अब लैब में पढ़ाई होने से इसका सही उपयोग हो सकेगा।