पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • तीर्थराज मचकुंड में पानी नहीं, अब होने लगी पार्किंग

तीर्थराज मचकुंड में पानी नहीं, अब होने लगी पार्किंग

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
देश-प्रदेश के वर्षभर में यहां आने वाले लाखाें श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र सभी तीर्थों का भांजा तीर्थराज मचकुंड वर्तमान में पानी की व्यवस्था न होने से संकट में दिखाई दे रहा है। इससे यहां आने वाले श्रद्धालु कुंड में पानी न देखकर उनकी भावनाएं भी आहत हो रही हैं। पानी का प्रबंध दूर-दूर तक न होने से मछलियां और जलीय जीव भी मर चुके हैं। जिसमें अब यहां आने वाले श्रद्धालु कुंड के तले में गाडियां पार्क कर रहे हैं। तो बच्चों के लिए यह खेल ग्राउंड बनकर रह गया है। हालांकि जिला प्रशासन ने कुंड में बारिश के पानी के अलावा वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढते हुए विगत माह आरईसीएल की चंबल पाइप लाइन से कुंड में पानी लाने की योजना बनाई थी, जो वह आज गति नहीं पकड़ सकी है। सूत्रों की मानें तो इसी को लेकर जलदाय विभाग ने थर्मल पॉवर के पास से निकल रही चंबल पाइपलाइन से कुंड में पानी के लिए प्रपोजल भेजा था, लेकिन थर्मल पॉवर के अधिकारियों की आेर से परमिशन नहीं मिलने से मचकुंड को पानी मिलना नहीं दिख रहा है।

मनमर्जी

पानी के मामले में थर्मल के चीफ इंजीनियर बोले-जनवरी में प्रस्ताव हैड ऑफिस भेजा, अब तक नहीं हुए कोई आदेश

धौलपुर. मचकुंड बना हुआ है वाहन पार्किंग स्थल।

हमारे लेवल पर यह मामला पेंडिंग नहीं है। थर्मल पावर व पीएचईडी के टॉप लेवल पर इस पर विचार चल रहा है। चीफ इंजीनियर पीएचईडी व थर्मल पावर डायरेक्टर से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी।

राजकिरन यादव, एक्सईएन, पीएचईडी धौलपुर।

यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। आप इस संबंध में चीफ इंजीनियर धौलपुर से जानकारी दे सकते हैं कि इस मामले में क्या प्रोग्रेस हुई है।

एसएस मीना, डायरेक्टर थर्मल पावर, जयपुर

थर्मल पावर की आरईसीएल से गुजर रही चंबल पाइपलाइन से मचकुंड में पानी भरने की कागजी कार्रवाई चल रही है। जनवरी में प्रस्ताव बनाकर हैड ऑफिस भिजवा दिया गया था। जैसे ही आदेश मिलेंगे उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी फिलहाल कुछ नहीं कह सकते।

राजीव गुप्ता, चीफ इंजीनियर, थर्मल पावर, धौलपुर

श्रद्धालु इस तीर्थ स्थल पर स्नान करने की ललक से आते हैं। अब लंंबे समय से सरोवर की दुर्दशा देखकर सिहर जाते हैं। जबकि थर्मल पावर से मात्र लाइन से पानी लेने की परमिशन लेनी है।

कृष्णदास, महंत मचकुंड

खबरें और भी हैं...