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बच्चों को घरों से नहीं लाना पड़ेगा पानी, 58 स्कूलों में लगेंगे हैंडपंप

3 वर्ष पहले
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जिले में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां पर बच्चों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। बच्चे अपने-अपने घरों से पानी लेकर स्कूल आते हैं। जब उनकी बोतल में पानी समाप्त हो जाता है तो उन्हें यहां-वहां परेशान होना पड़ता है।

स्कूलों में पेयजल व्यवस्था कराने के लिए स्कूल प्रशासन द्वारा कई बाद जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत भी कराया गया था। गत दिनों हुई एक बैठक में कलेक्टर ने प्रारंभिक शिक्षा के तहत जिले के 50 स्कूलों में हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए थे।

वहीं मंगलवार को जिला निष्पादक समिति की बैठक के दौरान शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि 12 स्कूलों में हैंडपंप लगाए जा चुके हैं तथा शेष स्कूलों में भी शीघ्र ही हैंडपंप लगा दिए जाएंगे। वहीं माध्यमिक शिक्षा के अधीन स्थापित 8 अन्य सरकारी स्कूलों में भी हैंडपंप लगाए जाएंगे। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को जिले के 10 सरकारी स्कूलों का चयन कर वहां अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) खोले जाने की योजना बताई। एटीएल नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) का महत्वपूर्ण बिंदु है। इन लैब को खोलने के पीछे उद्देश्य है कि विद्यार्थियों में आविष्कार, नवोन्मेष और उद्यमिता की क्षमता के विकास हो। इसका केंद्र बिंदु सेतु (सेल्फ एम्प्लॉयमेंट एंड टैलेंट यूटिलाइजेशन) है। इसमें प्रत्येक लैब के निर्माण के लिए नीति आयोग द्वारा 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा 5 साल तक संचालन व संधारण के लिए 10 लाख रुपए का अतिरिक्त फंड भी दिया जाएगा इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक महेंद्र यादव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक महेश चंद रजवानी, जिला शिक्षा समिति के गैर सरकारी सदस्य जयप्रकाश शर्मा, गिरीश गर्ग, गोविंद गुरु, एडीपीसी प्रेम सिंह कुंतल, अरविंद शर्मा, सुषमा रस्तोगी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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