अंबेडकर भवन का शिलान्यास कार्यक्रम अचानक बदला, दोनों विधायक नाराज
भास्कर संवाददाता|बाड़ी /धौलपुर
अंबेडकर जयंती के मौके पर बाड़ी नपा के अंबेडकर भवन शिलान्यास कार्यक्रम को राजनैतिक रूप से श्रेय लेने की मची होड़ को लेकर रातों-रात बदल दिया गया। जबकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के चलते अंबेडकर भवन के शिलान्यास कार्यक्रम में आमंत्रण-पत्रों में भवन का शिलान्यास बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और बसेड़ी विधायक रानी सिलोटिया द्वारा होना प्रस्तावित था। लेकिन कार्यक्रम से महज एक दिन पहले ही पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को बदलते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी किंगपाल सिंह रजौरिया द्वारा बाड़ी और बसेड़ी विधायक को पत्र भेजकर जानकारी दी गई कि शिलान्यास समारोह का उदघाटन धौलपुर-करौली सांसद डॉ. मनोज रजौरिया करेंगे। शनिवार को कार्यक्रम में सांसद रजौरिया द्वारा अंबेडकर भवन की आधारशिला रख शिलान्यास किया। लेकिन कार्यक्रम में विधायक मलिंगा शरीक नहीं हुए।
बाड़ी. नपा ने विधायक के नाम से बनवाई शिलान्यास पटिटका, बाद में सांसद के नाम बनवाई।
दोनों जनप्रतिनिधि ने जताया आक्रोश
बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने कहा कि उनका जिले की राजनीति में कद बढ़ता देख भाजपा के नेता बौखला चुके हैं। कार्यक्रम को लेकर नगर पालिका द्वारा उन्हें और बसेड़ी विधायक को कार्यक्रम के शिलान्यास के लिए आमंत्रित किया गया था। नगर पालिका प्रशासन ने कार्यक्रम में आमजन की भागीदारी के लिए लोगों को आमंत्रण-पत्र बांटे थे। लेकिन 13 तारीख की रात को उनको नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी किंगपाल सिंह द्वारा पत्र भेजकर बताया गया कि शिलान्यास कार्यक्रम का उदघाटन अब सांसद रजौरिया करेंगे।
सिलोटिया- यह अपमान है, पता होता तो नहीं जाती
बसेड़ी विधायक रानी सिलोटिया का कहना है कि शिलान्यास कार्यक्रम में उनके नाम की पटिटका को बदलकर अपमान किया है। इस संबंध में वह पार्टी को बताकर मामले की जांच करवाएंगी। बसेड़ी विधायक ने कहा कि कार्यक्रम में शिलान्यास के लिए उनके पास कार्ड भेजा गया। मंत्रियों ने भी फोन कर जाने को कहा। लेकिन जब कार्यक्रम में पटिटका का पर्दा हटा तो उसमें नाम न देख उन्हें काफी खराब लगा है। इसके बाद वह शांत ही रहीं। विधायक सिलोटिया ने कहा कि यह उनके खिलाफ किसी की चाल है, जिसकी वह जांच करवाएंगी।
इधर, सफाई : सांसद बोले- मुझे ऊपर से निर्देश मिले तो मैं आ गया
सांसद डॉ.मनोज राजौरिया का कहना है कि शिलान्यास बाड़ी और बसेड़ी विधायक को करना था इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। उन्हें सुबह ही उच्चाधिकारियों से निर्देश मिले कि बाड़ी के कार्यक्रम में जाना है। इस पर वह वहां पर पहुंच गए। सांसद ने कहा कि उनका शिलान्यास कार्यक्रम में जाने का कोई भी प्लान नहीं था। वहीं इस मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी किंगपाल सिंह रजौरिया ने बताया कि पहले सांसद ने मना किया था, फिर एक दिन पहले सांसद का फोन आया और उन्होंने कहा कि वे कार्यक्रम में आ रहे हैं तो मैंने पत्र लिखकर एक दिन पूर्व ही दोनों जनप्रतिनिधियों को अवगत करवा दिया था कि अब सांसद शिलान्यास करेंगे।