पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sikar
  • 3 माह बाद बैठक, कुछ अधिकारी सोते रहे तो कुछ ने दिए गोलमाल जवाब, जनप्रतिनिधि बोले समोसे खाने के लिए बैठक बुलाई है क्या?

3 माह बाद बैठक, कुछ अधिकारी सोते रहे तो कुछ ने दिए गोलमाल जवाब, जनप्रतिनिधि बोले-समोसे खाने के लिए बैठक बुलाई है क्या?

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं

जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक मंगलवार को जिला परिषद सभागार में हुई। जनप्रतिनिधि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों से भी सवाल पूछ रहे थे। लेकिन बैठक को गंभीरता से नहीं लेते हुए कुछ अधिकारी सोते रहे तो कुछ वॉट्सएप मैसेज पढ़ते रहे। कुछ ने सवालों का गोलमाल जवाब दिया। अधिकारियों के इस रवैये से नाराज जनप्रतिनिधियों ने तो यहां तक कह दिया कि इस तरह की बैठकों का औचित्य ही क्या है? समोसे खाने के लिए ही बैठक बुलाई गई है क्या?

हर तीन माह से जिला परिषद की साधारण सभा की बैठकें होना तय है। इसी के तहत जिला प्रमुख सुमन रायला की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक हुई। एडीएम मुन्नीराम बागड़िया, सीईओ जेपी बुनकर, विधायक नरेंद्र कुमार खीचड़ सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रोचक यह रहा कि बैठक के दौरान कई अधिकारी नींद लेते रहे। एवीवीएनएल, बीडीओ, सहकारी समितियां व अन्य विभागों के अधिकारी आराम के मूड में नजर आए। जिला परिषद सदस्य बजरंग सिंह चारावास ने आरटीई में गड़बड़ी का अारोप लगाया तो एडीईओ माध्यमिक इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सोमवीर लांबा ने कहा कि स्कूल संचालक मनमर्जी से फीस बढ़ा लेते हैं। एडीएम बागड़िया ने एडीईओ से इस बारे में पूछा तो वे गलत जानकारी देने लगे। इस पर प्यारेलाल ढूकिया ने उन्हें टोका। ताराचंद गुप्ता ने ओवरलोड वाहनों का मामला उठाया तो परिवहन निरीक्षक ने बताया कि नियमित कार्रवाई की जाती है, तीन माह में 70 डंपरों के चालान किए गए हैं। सोमवीर लांबा के जिले में शराब की अवैध दुकानें संचालित होने के सवाल पर एसपी की ओर से लिखित में आए बयान, कि जिले में कहीं भी शराब की अवैध दुकान संचालित नहीं है, पर नाराजगी जताते हुए सरोज श्योराण, सहीराम, दिनेश सुंडा ने कहा कि पुलिस कप्तान का यह बयान विश्वास के काबिल ही नहीं है। जिला परिषद सदस्यों ने कहा कि एक-एक दुकान की छह-छह ब्रांच खोल रखी हैं। देर रात तक शराब बेची जा रही है। इससे अपराध भी बढ़ रहे हैं। अधिकारियों के इस तरह के गोलमोल जवाबों से नाराज बजरंगसिंह चारावास, सरोज श्योराण सहित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों में अधिकारियों को यही रवैया रखना है और इसी तरह से गोलमोल जवाब देने हैं तो ऐसी बैठकों का औचित्य ही क्या है। केवल समोसे खाने के लिए ही बैठकें बुलाई जाती हैं क्या? मलसीसर प्रधान गिरधारीलाल खीचड़ ने बास कालियासर व कंकड़ेऊ कलां ट्यूबवैल की डिलीवरी व खुदाई में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में रिपोर्ट ओके करके दे दी गई। उन्होंने कमेटी बनाकर मामले की जांच की मांग की। ताराचंद गुप्ता ने कहा कि उन्होंने ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाने की मांग की थी और डिस्कॉम अधिकारियों ने किसान का लोड बढ़ा दिया।

बैठक में डीएसओ सुभाष चौधरी को सोते देख पड़ोस में बैठे कार्यवाहक बीडीओ बाबूलाल भी जम्हाई लेने लगे।

सदस्य बोले-भ्रष्टाचार की बाढ़ में बह गया मलसीसर का डेम, कार्रवाई करने की मांग की

प्यारेलाल ढूकिया ने कहा कि अधिकारियों के भ्रष्टाचार की वजह से मलसीसर में पानी का डेम बह गया। सरकार ने लीपापोती करते हुए मात्र ढाई करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई है। जबकि यह जुर्माना करीब 60 करोड़ का होना चाहिए था। उन्होंने कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने, दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने, प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिलाने का प्रस्ताव रखा। ताराचंद गुप्ता ने भी समर्थन किया। ढूकिया ने सैंसवास से मुकुंदगढ़ सड़क को रीकार्पेट करने, बिरमी में घरेलू लाइन में एचटी लाइन का करंट दौड़ने से घायल हुए पिंटू गुवारिया को मुआवजा देने सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। एडीएम मुन्नीराम बागड़िया ने बताया कि मलसीसर में आरडब्ल्यूआर टूटने से प्रभावित लोगों को मुआवजे के लिए फाइल सीएमओ भेज दी गई है। सहीराम गुर्जर ने कहा कि मलसीसर का डेम टूटने से खेतड़ी क्षेत्र के लोगों को पीने का पानी नहीं मिलेगा। जिला प्रमुख सुमन रायला ने कहा कि बांध टूटना घोर लापरवाही है। सदस्य बजरंग सिंह चारावास ने कहा कि मानोता जाटान से बाढ़ा की ढाणी तक टू लेन सड़क ऊंची बनाने से 11 केवी एवं एचटी लाइन काफी नीची हो गई है। कई बार कहने के बावजूद बिजली लाइनों को ऊंचा नहीं किया जा रहा है। जिला परिषद सीईओ जेपी बुनकर ने एवीवीएनएल के एसई जेएस मांजू व पीडब्ल्यूडी के एसई अशोक मोदी को समस्या के जल्द समाधान के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों ने पेयजल समस्या के समाधान की बात करते हुए ड्राई हो चुके ट्यूबवैल के स्थान पर दूसरे ट्यूबवैल, जिन ट्यूबवैलों पर बिजली कनेक्शन नहीं हुए हैं वहां जल्द कनेक्शन देने, गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल टंकियों की सफाई कराने के प्रस्ताव भी पारित किए। सीईओ बुनकर ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया कि पेयजल टंकियों की सफाई कार्य की मॉनीटरिंग करने तथा जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य या सरपंच की मौजूदगी में टंकी की सफाई कराकर प्रमाण पत्र लें। उप जिला प्रमुख बनवारीलाल सैनी ने मोहबतसर सहित अनेक स्थानों पर बंद ट्यूबवैल जल्द चालू करने को कहा। जिले में चोरी की बढ़ती वारदातों का मामला भी जिला परिषद की बैठक में उठा।

भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं

जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक मंगलवार को जिला परिषद सभागार में हुई। जनप्रतिनिधि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों से भी सवाल पूछ रहे थे। लेकिन बैठक को गंभीरता से नहीं लेते हुए कुछ अधिकारी सोते रहे तो कुछ वॉट्सएप मैसेज पढ़ते रहे। कुछ ने सवालों का गोलमाल जवाब दिया। अधिकारियों के इस रवैये से नाराज जनप्रतिनिधियों ने तो यहां तक कह दिया कि इस तरह की बैठकों का औचित्य ही क्या है? समोसे खाने के लिए ही बैठक बुलाई गई है क्या?

हर तीन माह से जिला परिषद की साधारण सभा की बैठकें होना तय है। इसी के तहत जिला प्रमुख सुमन रायला की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक हुई। एडीएम मुन्नीराम बागड़िया, सीईओ जेपी बुनकर, विधायक नरेंद्र कुमार खीचड़ सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रोचक यह रहा कि बैठक के दौरान कई अधिकारी नींद लेते रहे। एवीवीएनएल, बीडीओ, सहकारी समितियां व अन्य विभागों के अधिकारी आराम के मूड में नजर आए। जिला परिषद सदस्य बजरंग सिंह चारावास ने आरटीई में गड़बड़ी का अारोप लगाया तो एडीईओ माध्यमिक इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सोमवीर लांबा ने कहा कि स्कूल संचालक मनमर्जी से फीस बढ़ा लेते हैं। एडीएम बागड़िया ने एडीईओ से इस बारे में पूछा तो वे गलत जानकारी देने लगे। इस पर प्यारेलाल ढूकिया ने उन्हें टोका। ताराचंद गुप्ता ने ओवरलोड वाहनों का मामला उठाया तो परिवहन निरीक्षक ने बताया कि नियमित कार्रवाई की जाती है, तीन माह में 70 डंपरों के चालान किए गए हैं। सोमवीर लांबा के जिले में शराब की अवैध दुकानें संचालित होने के सवाल पर एसपी की ओर से लिखित में आए बयान, कि जिले में कहीं भी शराब की अवैध दुकान संचालित नहीं है, पर नाराजगी जताते हुए सरोज श्योराण, सहीराम, दिनेश सुंडा ने कहा कि पुलिस कप्तान का यह बयान विश्वास के काबिल ही नहीं है। जिला परिषद सदस्यों ने कहा कि एक-एक दुकान की छह-छह ब्रांच खोल रखी हैं। देर रात तक शराब बेची जा रही है। इससे अपराध भी बढ़ रहे हैं। अधिकारियों के इस तरह के गोलमोल जवाबों से नाराज बजरंगसिंह चारावास, सरोज श्योराण सहित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों में अधिकारियों को यही रवैया रखना है और इसी तरह से गोलमोल जवाब देने हैं तो ऐसी बैठकों का औचित्य ही क्या है। केवल समोसे खाने के लिए ही बैठकें बुलाई जाती हैं क्या? मलसीसर प्रधान गिरधारीलाल खीचड़ ने बास कालियासर व कंकड़ेऊ कलां ट्यूबवैल की डिलीवरी व खुदाई में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में रिपोर्ट ओके करके दे दी गई। उन्होंने कमेटी बनाकर मामले की जांच की मांग की। ताराचंद गुप्ता ने कहा कि उन्होंने ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाने की मांग की थी और डिस्कॉम अधिकारियों ने किसान का लोड बढ़ा दिया।

बैठक में दूसरे विभाग की चर्चा के दौरान एवीवीएनएल के एसई जेएस मांजू भी नींद लेते नजर आए।

भूमि विकास बैंक सचिव सुरेश मीणा भी सोने में पीछे नहीं रहे। उनके पीछे वशिष्ठ कुमार भी सोते दिखाई दे रहे हैं।

शिक्षा विभाग में तबादलों में हो रहा है भ्रष्टाचार

बजरंगसिंह चारावास ने शिक्षा विभाग में पदस्थापनों की जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि एक रैकेट काम कर रहा है जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। बैठक में उदयपुरवाटी प्रधान सविता खरबास, सूरजगढ़ प्रधान सुभाष पूनिया, सुमित्रा, सिलोचना सोलाना, राजेंद्र केड, एसीईओ प्रतिष्ठा पिलानिया, महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक विप्लव न्योला, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक पवन पूनिया, श्रम कल्याण अधिकारी अरुणा शर्मा, सीएमएचओ डॉ. सुभाष खोलिया, डीएसओ सुभाषचंद्र आदि मौजूद थे।

खबरें और भी हैं...