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नाता करने वाले ने जुर्माना नहीं दिया था, जाित पंचायत ने पूरे गांव को दोषी माना, दूसरा युवक खरीदारी करने गया तो बांधकर पीटा

3 वर्ष पहले
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समाज से बाहर करने के फैसले देने वाली खाप पंचायतें अब मारपीट तक उतारु हो गई है। ऐसा मामला सुवाणियां गांव में सामने आया है। एक युवक को अपहरण के बांध रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा। बाद में परिजनों ने उसे मुश्किल से छुड़वाया और पुलिस को जानकारी दी। मामले में दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस व परिजनों के मुताबिक सुवाणियां में गुरुवार रात 9 बजे दुकान से सामान खरीदने आए नाथूरामजी का खेड़ा निवासी शंभूलाल (25) पुत्र मोहनलाल गंवार बंजारा का 8-10 लोग अपहरण कर ले गए। युवक को रस्सी से बांधकर बेरहमी से मारपीट की गई। उसकी आंख, हाथ, सिर, पैरों पर गंभीर चोटें आईं। आधी रात तक युवक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश की तो पता चला कि शंभूलाल मानसिंह गंवार के घर में बंधक है। तब परिजन पहुंचे और उसे छुड़ाया। शुक्रवार को मुकदमा कराया।

भास्कर ने एफआईआर जांची, पुलिस व परिजनों से बातचीत की तो पता चला कि शंभूलाल की इस गांव के लोगों से कोई रंजिश नहीं है। दरअसल उसके गांव के एक स्वजाति युवक ने सुवाणियां की युवती से जाति पंचों के सामने झगड़ा छुड़वाए बिना नाता विवाह कर लिया। इसी वजह से सुवाणियां वालों ने नाथूरामजी का खेड़ा गांव वालों से रंजिश पाल ली। समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि जाति पंचों के सामने झगड़ा छुड़वाने का नियम यह है कि जाति पंचों द्वारा तय की जाने वाली राशि या जुर्माना देना पड़ता है। इसके बाद ही नाता विवाह किया जा सकता है। जबकि मामले में जुर्माना नहीं देकर विवाह करने का नतीजा लड़के के पूरे गांव से रंजिश पाल ली। खामियाजा इस युवक को भुगतना पड़ा। अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। चौंकाने वाला सच ये है कि परिजनों ने एफआईआर में उल्लेख किया है लगातार धमकी मिलने से दिन में मुकदमा कराने नहीं जा सके। रात को अंधेरा होने पर गए।

एफआईआर से... खौफ इतना कि दिन में मुकदमा कराने भी नहीं गए, अंधेरा घिरा तो परिवार छुपकर पहुंचा थाने

जाति पंचायतों के आगे बेबस और बंधक व्यवस्था... इस तस्वीर में सिर्फ शंभूलाल ही बंधक नहीं है। यह ऐसे चंद लोगों के खौफ की हकीकत है, जिनके आगे पुलिस और प्रशासन का पूरा तंत्र िववश है।

पुलिस ने 10 लोगों को किया नामजद, सभी फरार

थानाधिकारी डीपी दाधीच ने बताया कि नाथूराम जी का खेड़ा निवासी मोहनलाल पुत्र पेमा गंवार ने अपने बेटे शंभूलाल के अपहरण करने व बंधक बनाकर मारपीट का आरोप लगाते हुए 10 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस का कहना है कि आपसी पारिवारिक रंजिश में यह घटना हुई। सुवाणियां निवासी मानसिंह, सुरेश, ईश्वर, माधू पुत्र गोकुल गंवार, मगनलाल, रामचंद्र पुत्र उगमा गंवार, ज्ञानमल पुत्र माधू गंवार, दूधा पुत्र गणपत गंवार आदि के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के सामने ही बोले- हां, हमने पीटा

नाथूरामजी का खेड़ा गांव के युवक का अपहरण कर मारपीट के मामले में एक आरोपी जिसे युवती का पिता बताया गया है उसने पुलिस के सामने बेखौफ अंदाज में मारपीट की यह घटना स्वीकार की है। बेगूं थाने के एसएचओ डीपी दाधीच ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी से जब पूछताछ की गई तो उसने कहा कि मेरी बेटी को शंभूलाल का रिश्तेदार गोविंद जाति पंचों के बीच झगड़ा छुड़ाए बिना भगाकर ले गया। इस रंजिशवश हमने शंभूलाल के साथ मारपीट की।

कई मामलों में लगा देते हैं घर में आग

जाति पंचों के बीच झगड़ा छुड़वाए बिना लड़की से नाता विवाह पर कहीं पूरा गांव तो कहीं पूरे समाज के लोग लड़के वाले से रंजिश पाल लेते हैं। लड़के के गांव के बाड़ों में आग लगाकर, कुएं, ट्यूबवैल में मोटर डालकर, पाइप काटकर, किसी से मारपीट कर रंजिश उजागर करते हैं। रूढ़ीवादिता के चलते घरों, बाड़ों, खेतों, रास्तों में नुकसान पहुंचाकर खुले आम रंजिश जताई जाति हैं। जब तक जाति की जाजम पर नाते-झगड़े की राशि का लेनदेन नहीं हो जाता यह क्रम चलता रहता है।

पिता : बेटा तो खरीदारी करने गया था, क्यों पीटा

नाथूरामजी का खेड़ा निवासी मोहनलाल ने बताया कि बेटे शंभू की आरोपियों से कोई रंजिश नहीं है। उसका बेटा उनके गांव दुकान से कुछ घरेलू खरीदने गया था। उसे बंधक बनाकर मारपीट की।

दर्द... बाड़े में आग लगाई, जाति पंचायत में झगड़े की राशि चुकाने पर ही रंजिश खत्म हुई... गंदेलिया निवासी बालूलाल गुर्जर ने बताया कि मेरे बेटे शंकर का चलानियां की लड़की से नाता विवाह किया था। नाते के झगड़े विवाद में दो महीने पहले कुछ लोग गंदेलिया आए और बाड़े में आग लगा दी। इससे करीब डेढ़ लाख रुपए मूल्य की मक्का की फसल जलकर राख हो गई। बेगूं थाने में आगजनी की रिपोर्ट भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार जाति पंचायत में नाता-झगड़े की राशि जमा कराई तब रंजिश मिटी।

भास्कर नॉलेज | एडवोकेट दुर्गेश शर्मा के मुताबिक जाित पंचाें के फैसलों के खिलाफ शिकायत पर आईपीसी के तहत 3 साल की सजा का प्रावधान है। यदि महिला या एससी-एसटी एक्ट हो तो सजा 10 साल तक हो सकती है। यदि मारपीट, अपहरण जैसे मामलों में कानून में सजा के अलग-अलग प्रावधान तय हैं।

मोहनलाल गंवार की रिपोर्ट पर 10 जनों के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया है। आरोपी फरार हैं, लेकिन जल्द गिरफ्तारी होगी। गंदेलिया के बालू गुर्जर ने आगजनी की रिपोर्ट दी थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में सहमति हो गई। डीपी दाधीच, एसएचओ बेगूं

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