बसेड़ी क्षेत्र की छह ग्राम पंचायतों में पटरी पर नहीं लौटा जन जीवन
बसेड़ी उपखंड की कई पंचायतों में बुधवार को आए तेज आंधी और तूफान को तीन दिन बीतने के बाद भी जन जीवन सामान्य नहीं हुआ है। बुधवार देर सांय को भंग हुई विद्युत व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं लौटी है। जिसके चलते लोगों को पानी से लेकर खाने के लिए आटा पिसाने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों की मानें तो अभी तक प्रशासन के द्वारा गांवों को जोड़ने वाले रास्तों में टूटे हुए पेड़ों को भी हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके चलते क्षेत्र के लोग आवागमन को तरस गए है।
महू गुलावली सरपंच कृपाल सिंह परमार ने बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पक्के और कच्चे मकानों को भारी नुकसान हुआ है। सैकडों की तादाद में पेड़ टूट चुके है। दर्जनों विद्युत पोल और लाइनों के टूट जाने के कारण तीन दिन से क्षेत्र में बिना बिजली के अंधकार पसरा हुआ है। सबसे ज्यादा झटका किसानों को खेतों में कटी पड़ी गेंहूं की फसल और भूसा के बर्बाद होने से लगा है। इसी तरह की समस्या बौरेली, कुनकुटा, रतनपुर, ममौधन और एकटा पंचायत के लोगों के सामने आई है। ग्रामीण इलाके की इन ग्राम पंचायतों में जनजीवन को पटरी पर लाने के धीमे प्रयासों के चलते ग्रामीणों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण करूआ परमार, सुनहरी लाल मित्तल, विजय मित्तल, सुरेश मित्तल, डाक्टर रामअवतार सिंह, नीलू राजावत, असलम खां, धीरज परमार, नेता रघुराज सिंह परमार, बीरेंद्र सिंह अध्यापक, मिहीलाल तोमर, गंगाराम गौड़, ओमप्रकाश वार्डपंच आदि ने जिला कलेक्टर से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को जल्द बहाल कराने के साथ क्षतिग्रस्त मकानों और बर्बाद फसल और भूसे का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
गुलावली. बौरेली जाने बाले मार्ग पर आडे पड़े टूटे हुए पेड।