भाभी की डांट पर घर छोड़ा मासूम ने, ऑटो चालक ने पुलिस तक पहुंचाया
भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़
भाभी की डांट और मारपीट से परेशान 8 वर्षीय बालिका ने घर छोड़ दिया। शहर में भटकती रही। बाद में एक ऑटो चालक ने पुलिस तक पहुंचाया। पुलिस उसे बाल कल्याण समिति के पास लेकर आई।
समिति की अध्यक्ष डॉ. सुशीला लड्ढा ने बताया कि मध्यप्रदेश के धार जिला निवासी आठ वर्षीय सविता पुत्री गणपत को तीन चार दिन पहले बड़ा भाई रतनलाल अपने छोटे बच्चों को रखने के लिए चित्तौड़ लेकर आया। रतन की प|ी सविता को डांट-फटकारने लगी। मारपीट भी की। सविता गुरुवार दोपहर बिना बताए घर से निकल गई। वह वापस मां के पास धार जाना चाहती थी। बालिका सिंचाई नगर क्षेत्र से बस में बैठ गई। बस वाले ने उसे बेड़च नदी पुलिया के पास यह कहते हुए उतार दिया कि बस धार नहीं जाती। सड़क के किनारे बच्ची को खड़ा देख बूढ़ गणेशपुरा निवासी बाइक सवार पृथु ने उसे एक ऑटो में बिठा कर चालक से उसे घर छोड़ने को कहा। ऑटो चालक चंदेरिया निवासी धनराज बुनकर ने बच्ची को घर का पता पूछा तो वह बता नहीं पाई। उसने बच्ची को चंदेरिया पुलिस को सौंपा। पुलिस ने उसे समिति कोे सौंपा। डॉ. लढा ने बताया कि बालिका भाई व भाभी के पास नहीं रहना चाहती। उसे धार की समिति के पास भिजवाया जाएगा।
चित्तौड़गढ़. बालिका से जानकारी लेतीं बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डा. लड्ढा।
गनीमत रही कि... गनीमत रही कि दोपहर में भाई के घर से बिना बताए निकली सविता शाम साढ़े चार बजे तक चंदेरिया थाने में पहुंच गई। अगर इस बीच गलत हाथों में बच्ची चली जाती तो उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो सकता था। दो-तीन घंटे के दौरान बूढ़ निवासी ग्रामीण व शहर के ऑटो चालक ने उसे सुरक्षित पुलिस तक पहुंचा दिया।