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खुद पैसे खर्च कर कार्यालय की दीवारों पर महापुरुषों के चित्र बनवाए, उद्देश्य- शौर्य, भक्ति, संस्कृति का संदेश व सौंदर्यीकरण
चित्तौड़गढ़ | बेहतर सोच व सामूहिक प्रयास से डीईओ प्रारंभिक कार्यालय का बाहरी लुक बदलने लगा है। इस आॅफिस के दीवारों पर जैसे ही नजर पड़ती है चित्तौड़ के इतिहास सहित भक्ति, देशप्रेम व संस्कृति की झलक दिखती है।
देश के महापुरुषों के चित्रों के साथ उनके आदर्श वाक्य भी पढ़ने को मिलते हैं। यह बदलाव किसी सरकारी बजट से नहीं डीईआे प्रारंभिक एवं इनके अधीनस्थ बीईईओ के कर्मचारियों के थोड़े-थोड़े आर्थिक सहयोग से हुआ है। यह कार्यालय अब जिला मुख्यालय के अन्य सभी सरकारी कार्यालयों के लिए उदाहरण बन गया है। कार्मिकों का कहना है कि यह एकता व सकारात्मक सोच के कारण हो सका है। यहां अभी पेंटिंग का काम चल रहा है। दीवार के नीचे की साइड में उड़ान अभियान, मीरा, महाराणा प्रताप, अनुपम दानी भामाशाह, पन्नाधाय, राजस्थानी परंपरा, चित्तौड़ दुर्ग का चित्र तथा इसी दीवार के ऊपर की साइड में स्वामी विवेकानंद, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, महात्मा गांधी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, एपीजे अब्दुल कलाम, चाणक्य, भीमराव अंबेडकर, रवींद्रनाथ ठाकुर, सुभाषचंद्र बोस एवं झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के चित्र बनाए जा रहे हैं। उनके आदर्श वाक्य भी लिखे जा रहे हैं।
ऐसे आया आइडिया, 80 हजार रुपए खर्च
डीईओ प्रारंभिक ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों की सुंदरता देखकर आइडिया आया कि क्यों न जिला कार्यालय की लुकिंग बदलकर श्रेष्ठ बनाया जाए। इस काम पर करीब 80 हजार रुपए का खर्च आएगा। मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू काम 20 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा।
ऐसे प्रयास सभी जगहों पर होने चाहिए
सभी सरकारी कार्यालयों की लुकिंग ऐसी हो इसके प्रयास करने चाहिए। डीईईओ आॅफिस एक उदाहरण बनकर सामने आया है। चित्तौड़ के इस बेहतर प्रयास के बारे में प्रदेश के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा ताकि ऐसे प्रयास कार्मिकों के सहयोग से सभी जगह हों। कमलेश आबूसरिया, शासन उप सचिव ग्रुप-2, सचिवालय