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सुबह-शाम ट्रेनों के रिजर्व कोच में तैनात किए गए आरपीएफ कर्मी, एमएसटी होल्डरों की गुंडागर्दी व मनमानी पर लगेगी रोक
2 अप्रैल को कच्छ एक्सप्रेस में एमएसटी होल्डर व यात्रियों में हुआ था विवाद
ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | सूरत
दो अप्रैल को कच्छ एक्सप्रेस में पास होल्डर और कच्छ एक्सप्रेस एसोसिएशन यात्रियों के बीच हुए हंगामे के बाद मंडल प्रबन्धक ने मुम्बई सेंट्रल से वलसाड के बीच फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस में एमएसटी कोच का निरीक्षण किया था। लेकिन, अब इससे भी एक कदम आगे बढ़ते हुए रेलवे ने सुबह-शाम पीक आवर में सूरत से वापी के बीच एक्सप्रेस ट्रेनों के सभी आरक्षित कोच में आरपीएफ एस्कॉर्टिंग जवान तैनात किया है। इससे रिजर्व कोच में जबरन घुसने वाले एमएसटी होल्डर यात्रियों पर रोक लगेगी। उल्लेखनीय है कि सूरत, नवसारी और वलसाड से रोजाना लगभग 10 हजार एमएसटी पास होल्डर यात्री सफर करते हैं। ये यात्री अक्सर सुबह वाली ट्रेनों के आरक्षित कोच में सवार होते हैं। एमएसटी होल्डर द्वारा आरक्षित सीट पर बैठने को आरक्षित यात्रियों के साथ अक्सर झड़प भी होती है। इसी तरह की घटना दो अप्रैल को कच्छ एक्सप्रेस में हुई थी। सुबह 7 बजे सूरत आने के बाद सैकड़ों एमएसटी होल्डर यात्री इस ट्रेन में सवार हुए इसके अलावा नवसारी और वलसाड से भी लगभग 500 यात्री रिजर्व कोच में घुस गए, जिसके बाद कच्छ एसोसिएशन यात्री और एमएसटी यात्रियों के बीच झड़प हो गई और ट्रेन वलसाड के पास 2 घंटे खड़ी रही। रेल अधिकारियों ने बताया कि सुबह के वक्त पीक आवर में ट्रेनों के रिजर्व कोच में एमएसटी यात्री सोते हुए यात्रियों को जगाते थे और उनसे मारपीट भी करते थे, जिसकी लगातार शिकायतें मिल रही थी। उसके बाद रेलवे ने फैसला लिया कि पीक आवर में ट्रेनों के रिजर्व कोच में आरपीएफ जवान तैनात किए जाएंगे। सूरत आरपीएफ ने बताया कि उन्होंने शुरू में कच्छ एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, कर्णावती एक्सप्रेस सूर्यनगरी एक्सप्रेस, रणकपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के रिजर्व कोच में एस्कॉर्टिंग ड्यूटी लगाई है।