पहले बाड़ी विधायक से फिर पूर्व एमएलए के भाई से बंटवाए चेक
3 दिन पूर्व उपखंड इलाके में आंधी तूफान से हुई तबाही के बाद घायलों और मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से मदद के तौर पर मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि के वितरण को लेकर खासा तमाशा खड़ा हो गया है। 1 दिन पूर्व सरकार की ओर से पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि के चेक विकास अधिकारी द्वारा जारी किए गए पत्र के निर्देशानुसार सरपंचों और क्षेत्रीय विधायकों द्वारा वितरण करा दिए गए थे। वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को राजनीतिक हस्तक्षेप से चलते उन्हीं चेकों को वापस मंगा कर सत्तारूढ़ पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बाड़ी के पूर्व विधायक के भाई से वितरण कराया गया। एक ही मुआवजा राशि के चेकों को दो बार पीड़ितों में वितरण कराए जाने को लेकर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों ने इस तरह के गंभीर मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि श्रेय लेने की होड़ में नेता लोग घायलों एवम मृतकों के परिजनों की भावनाओं से खेलने से नहीं चूक रहे हैं।
उपखंड क्षेत्र में अंधड़ और आगजनी की चपेट में आए पीड़ितों के लिए मजाक बना सरकारी मुआवजा
चेक देते हुए भाजपा पदाधिकारी व बाड़ी के पूर्व विधायक के भाई।
विकास अधिकारी का पत्र।
सत्तारूढ़ पार्टी के पदाधिकारियों से चेक बंटवाने का आरोप गलत है। बीडीओ से चेक ग्राम पंचायतों से बनवाए थे। लेकिन बंटवाना हमारे द्वारा था। इसलिए हमने बीडीओ से चेक मंगवाए थे। सरपंचों ने अगर पहले ही चेक बांट दिया होगा तो इसकी जानकारी नहीं है।
विनोद मीणा, एसडीएम सैंपऊ
मूसलपुर, घड़ी चटोला में सरपंचों ने तो कोलुआ में सरपंच प्रतिनिधि और सैंपऊ में विधायक ने बांटे थे चेक
आंधी तूफान हादसे में घायलों और मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से तात्कालिक मदद के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से राशि जारी की गई थी। जिसमें पंचायत समिति के विकास अधिकारी के द्वारा मृतकों के आश्रितों को 50000, गंभीर रूप से घायलों को 10000 और आंशिक रूप से घायलों को 5000 के चेक वितरण किए जाने के निर्देश जारी किए गए थे। इन चेकों को स्थानीय विधायक और स्थानीय सरपंच आदि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरण कराकर पंचायत समिति के ग्रुप पर व्हाट्स एप किए जाने के निर्देश जारी किए गए थे। विकास अधिकारी के पत्र के अनुसार कुछ ग्राम पंचायतों में दिन में घड़ी चटोला, मूसलपुर में सरपंच और सचिवों द्वारा तो वहीं कोलुआ ग्राम पंचायत में सरपंच प्रतिनिधि और सैपऊ में बाड़ी विधायक द्वारा एक मृतक और चार घायलों को चेक के वितरण किए गए। बाद में प्रशासन के निर्देश पर गुरुवार को वितरण किए गए चेकों को वापस मंगवा कर भाजपा के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शुक्रवार को दूसरे दिन वितरण करा राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई। चेक वितरण को लेकर हो रही राजनीति की लोगों में खासी चर्चा है।