ऑफ द रिकॉर्ड -श्याम आचार्य
उम्र और बुढ़ापे का उदाहरण मत दीजिये
स्कूलों के एकीकरण के संबंध में स्थगन प्रस्ताव पर सदस्यों ने प्रश्नों की झड़ी लगा दी। इस दौरान राजाखेड़ा के प्रद्युम्न सिंह (कांग्रेस) ने शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ से कहा-मंत्री महादेय ऐसा न करें आप। आप मुझसे उम्र में कम है। आप में लंग पावर ज्यादा है। मैं 77 साल का बूढा आदमी हो गया हूं। तो आप दबाओ मत मुझे इस तरह से। इस पर अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा- बुढ़ापे और उम्र का उदाहरण मत दीजिये। तो भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी (सांगानेर) ने टिप्पणी की थी कि आप वाली बात मत करिये। केवल लंग पावर ही नहीं है, इनमें और भी कई पावर बहुत ज्यादा हैं आपसे। इस पर चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने चुटकी लेते हुए तिवाड़ी से पूछा- उन सारे पावर्स की जानकारी आपको कैसे हुई? (सदन में जोरों की हंसी-अध्यक्ष भी मंद-मंद मुस्कराए) जब घनश्याम तिवाड़ी ने कहा- सहभागिता है। इस पर हंसी की फुलझड़ियां छूटीं।
“न गन्दगी पसन्द है, न बंदगी पसंद है”
30 फरवरी 2015 की 14वीं विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। बोल रहे थे भाजपा के रामचंद्र (डग)। जब उन्होंने कविता में अपना भाषण शुरू किया तो सदन में तनिक खामोशी छा गई। उन्होंने कहा कि राजस्थान की इस पवित्र राजनीति के मंदिर में एक बात कहना चाहता हूं :-
न गन्दगी पसन्द है, न बंदगी पसंद है, दूध सी धुली-धुली है,
फूल सी खिली-खिली है, प्यार में घुली-घुली, जिन्दगी पसन्द है
न गन्दगी पसन्द है, न बंदगी पसंद है।इस पर अध्यक्ष कैलाश चंद्र मेघवाल ने जब दाद देते हुए कहा-बहुत अच्छे, तो सदन में हंसी गूंज उठी।