महिलाओं को बाजरा से विभिन्न व्यंजन बनाने की दी जानकारी
पर्याप्त पौष्टिक भोजन के अभाव में लोग कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। इस कुपोषण से बचने के लिए बाजरा काफी मददगार हो सकता है। यह बात कृषि वैज्ञानिक व बाजरा प्रशिक्षण प्रभारी शिवमूरतसिंह मीणा ने कही।
वे यहां कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित शिविर में महिलाओं को बाजरा से विभिन्न व्यंजन बनाने के तरीके और उससे होने वाले लाभ की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में 2500 महिलाओं को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पहले 50 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में इसका प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने विभिन्न गांवों में जाकर ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि बाजरा के उपयोग से खून की कमी, ऊर्जा, प्रोटीन की कमी दूर होती है।
यह व्यंजन बनाना सिखाए
प्रशिक्षण शिविर के दौरान भाग लेने वाली महिलाओं को बाजरा से बनने वाले 24 प्रकार के व्यंजन बनाना सिखाए गए। इनमें राब, खीचड़ा, घूघरी, खीर, हलवा, लड्डू, शकरपारे, मुठिया, ढोकला, खोखरा, बाटी, मीठी मठरी, पंजीरी, कुरकुरे, वनीला केक, चॉकलेट केक, बिस्किट आदि शामिल हैं।