पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Kota
  • कांग्रेस नेता का गेहूं नापास होने पर विरोध, चना पंजीयन फिर बंद हुआ

कांग्रेस नेता का गेहूं नापास होने पर विरोध, चना पंजीयन फिर बंद हुआ

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भवानीमंडी. सरकारी तौल कांटे गेहूं वापस कर देने पर विरोध जताते कांग्रेस कार्यकर्ता।

भास्कर न्यूज | भवानीमंडी

सरकारी समर्थन मूल्य तौल कांटे पर एक किसान के गेहूं को नापास कर देने के बाद कुछ देर हंगामा हो गया। मौके पर मौजूद एक कांग्रेस नेता ने इसका विरोध किया तो उसे सबक सिखाने के लिए उसका भी गेहूं नापास कर दिया।

सूचना पर कांग्रेस पदाधिकारी पहुंचे और हंगामा करने लगे तो गेहूं तुलाई के लिए पास कर दिया गया। इसके बाद मामला शांत हो सका। कांग्रेस जिला महामंत्री राजेश गुप्ता ने बताया कि तौल कांटे पर प्रभारी ने सिंहपुर के एक किसान का गेहूं नापास कर दिया था। जिसका कांग्रेस जिला परिषद सदस्य महेंद्रसिंह ने विरोध करते हुए उसका गेहूं पास करने की कहा तो तौल केंद्र प्रभारी ने उसे सबक सिखाने के लिए उसका भी गेहूं नापास कर दिया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष कालूलाल सालेचा, चेतन गहलोत, जिप सदस्य सुदीप सालेचा समेत कई अन्य मौके पर पहुंच गए। हंगामे के बाद तौल केंद्र प्रभारी गेहूं तुलाई के लिए तैयार हो जाने पर मामला शांत हो गया। उदयसिंह सोनगरा ने बताया कि संबंधित किसान की गेहूं तुलाई की कह दिया है। उधर, भवानीमंडी तौल केंद्र पर बुधवार से एक बार चना तुलाई का नया पंजीयन फिर से बंद हो गया है। जरा से समय में ही दो बार चना पंजीयन बंद हो गया है। 15 मार्च से पंजीयन शुरू हुआ था और 24 मार्च को यह बंद हो गया। इसके बाद यह 8 अप्रैल को वापस शुरू हुआ और 11 अप्रैल को वापस बंद हो गया।

5482 क्विंटल चने तुले
भवानीमंडी में 15 मार्च से 12 अप्रैल तक में 5482 क्विंटल चना, 6000 क्विंटल गेहूं और 1473 क्विंटल सरसों तुलाई जा चुकी है। तौल केंद्र पर शुक्रवार को भी इन जिंसों की जोरदार आवक थी।

पचपहाड़ का ऑनलाइन सिस्टम में नाम नहीं
चना तुलाई के लिए पंजीयन करवाने जा रहे पचपहाड़ क्षेत्र का ऑनलाइन सिस्टम में नाम नहीं होने से उनका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। पचपहाड़ के राजकुमार गोखरू ने बताया कि उड़द तुलाई में भी ऐसा ही हुआ था, शिकायत करने पर एकदम अंत में पंजीयन शुरू हो सका था। अब चने में भी यही हो रहा है।

खबरें और भी हैं...