मध्यप्रदेश से आवक घटने से भवानीमंडी मंडी की आय घटी
कृषिमंडी व इसकी गौण मंडियों में पड़ोस के मध्यप्रदेश क्षेत्र की कृषि जिंस बिकने आने में कमी आई है। इसका असर कृषिमंडी शुल्क पर भी आया है। इसके चलते अकेले मार्च में ही इसकी शुल्क आय में पिछले साल के मुकाबले 36.03 लाख रुपए की कमी आ गई है।
सचिव फरेबीलाल मीणा ने सोमवार को बताया कि भवानीमंडी मु़ख्य मंडी व इसकी शेष गौण मंडियों रायपुर, पिड़ावा व सुनेल में समाप्त मार्च माह में 57.39 लाख रुपए का शुल्क प्राप्त हु्आ है। जबकि इसी अवधि में गत वर्ष 93.42 लाख रुपए का शुल्क प्राप्त हुआ था। टैक्स आय में सर्वाधिक गिरावट भवानीमंडी मुख्य मंडी में आई है। इसमें इस मार्च में 43.48 लाख रुपए की आय हुई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 73.06 लाख रुपए की आय हुई थी। ध्यान रहे कि भवानीमंडी और इसकी गौण मंडियों में पड़ोस के मध्यप्रदेश से जिंसों की आवक होती रही है, लेकिन वहां पर भावांतर व अन्य योजनाओं के चलते वहां से आवक में लगातार गिरावट आ रही है। जिसका असर मंडी शुल्क में कमी के रूप में सामने आया है।
समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग
भारतीय किसान संघ ने सोमवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर समर्थन मूल्य पर चना तुलाई की मात्रा बढ़ाने और इसका समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है। तहसील अध्यक्ष रोडूलाल पटेल आदि ने मांग की कि चने की प्रति किसान 25 क्विंटल की जगह 50 क्विंटल की सीमा तय की जाए।