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80 साल के दिव्यांग को धोखे से ले जाकर पॉवर आॅफ अटॉर्नी लिखवा ली, फिर जमीन भी बेच दी

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

निंबाहेड़ा के चांदखेड़ा गांव के 80 वर्षीय दिव्यांग से पेंशन कराने के नाम पर पावर ऑफ अटॉर्नी लिखवा कर 4.19 हेक्टेयर जमीन बेच दी। पुलिस में प्रकरण दर्ज होने के 25 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित परिवार ने सोमवार को कलेक्टर व एसपी को परिवाद दिया।

चांदखेड़ा निवासी नारायणलाल कुमावत के 80 वर्षीय दिव्यांग दादा दलीचंद 16 मई को घर पर अकेले थे। परिवार के सदस्य नारायण के पिता बद्रीलाल का इलाज कराने नीमच गए थे। गांव के एक करीबी रिश्तेदार दयाल कुमावत के साथ नारायणलाल जाट, बजरंग पूर्बिया, नारायण माली व हरीश टांक उनके घर पहुंचे। ये लोग दलीचंद को पेंशन चालू कराने के नाम पर कार में छोटीसादड़ी ले गए। जहां दलीचंद की चांदखेड़ा स्थित 4.19 हेक्टेयर जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी बनवा ली। इसके जरिये 21 मई को हरीश टांक ने मनीष पुत्र अनिल अजमेरा व श्यामलाल पुत्र आैंकारलाल पूर्बिया के नाम पर विक्रय पत्र लिखकर निंबाहेड़ा सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री भी करवा दी। परिजनों को पता चला तो रजिस्ट्रार कार्यालय में आपत्ति पेश की। जिस पर 23 मई को आरोपियों के विरुद्घ निम्बाहेड़ा कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज करवाया।

नियम 39 का नोट लगाया

इस मामले में जमीन की रजिस्ट्री तो हो चुकी है पर आपत्ति आने के बाद नियम 39 का नोट लगाया गया है। पुलिस में प्रकरण होने से अनुसंधान चल रहा है राजेंद्र भारद्वाज तहसीलदार निंबाहेड़ा

रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर लिया था। अनुसंधान चल रहा है। दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। दर्शनसिंह-निंबाहेड़ा कोतवाली सीआई

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